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ED NEWS : साहिबगंज खनन घोटाला ,एसपी नौशाद आलम को ED का समन,खबर गवाह को प्रभावित करने के मामले में समन

 

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ED NEWS : प्रवर्तन निदेशालय यानि ईडी ने साहिबगंज के एसपी नौशाद आलम को समन किया है। पहली बार ईडी ने किसी आईपीएस को रांची में समन किया है जो जानकारी आ रही है उसके मुताबिक एसपी को समन इसलिए किया है की उन्होंने ईडी के गवाह को होस्टाइल किया है। यानि खबर पक्की है की उन्हें 1000 करोड़ के खनन घोटाला केस में गवाह विजय हांसदा के संबंधित एक मामले में पूछताछ होना है। नौशाद आलम को ईडी ने 10 नवम्बर यानि आज समन जारी किया है. जानकारी के मुताबिक ईडी ने एसपी नौशाद आलम को गवाह प्रभावित करने के मामले में समन जारी करते हुए 22 नवंबर को रांची के हिनू स्थित ईडी दफ्तर में हाजिर होने को कहा है. बता दें कि नौशाद आलम वह पहले आईपीएस अधिकारी हैं जिनको ईडी ने समन किया है।

जाहिर है की इससे पहले कई आईएएस अधिकारियों को पूछताछ के लिए ईडी कार्यालय बुलाया गया है। उसमे से 2 आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल और छवि रंजन तो जेल में हैं। खनन घोटाला केस में साहिबगंज के डीसी रामनिवास यादव से भी पूछताछ हो चुकी है। बता दें कि नौशाद आलम को अभी कुछ महीने पहले ही साहिबगंज का एसपी बनाया गया है। इससे पहले वह रांची के ग्रामीण एसपी के रूप में कार्यरत थे। धीरे-धीरे समन से संबंधित और डिटेल सामने आएगी।

अब हम आपको बताते है की विजय हांसदा कौन है। विजय हांसदा ईडी का महत्वपूर्ण गवाह है है। लेकिन विजय हांसदा बीते 12 तारीख को कोर्ट में अपने पूर्व के बयान से मुकर गया था. विजय हांसदा बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक गवाही देने कोर्ट आ धमका था, जबकि ईडी ने उसको गवाही के लिए समन भी नहीं किया था. मामले की सुनवाई ईडी के विशेष न्यायाधीश पीके शर्मा की अदालत में चल रही है. हालांकि विजय हांसदा की गवाही भी पूरी नहीं हो सकी थी. इससे पूर्व मामले में दो की गवाही दर्ज की जा चुकी है.

गौरतलब है की 1000 करोड़ रुपये के अवैध खनन मामले में पंकज मिश्रा के साथ ही प्रेम प्रकाश, बच्चू यादव, पशुपति यादव व कृष्णा साहा ट्रायल फेस कर रहे हैं. पंकज मिश्रा बीते 19 जुलाई 2022 से जेल में बंद है. इसी मामले में विजय हांसदा ईडी का महत्वपूर्ण गवाह है. इतना ही नहीं विजय हांसदा ने ही साल 2022 में नींबू पहाड़ी पर अवैध खनन की शिकायत की थी. कोर्ट में शिकायतवाद में उसने बरहेट विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा समेत अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत की थी. मामले में दिसंबर 2022 में केस दर्ज किया था. वहीं आर्म्स एक्ट के एक केस में जेल जाने के बाद विजय हांसदा ने अवैध खनन की जांच सीबीआई से कराने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका डाली थी. हालांकि उसने बाद में याचिका वापस लेने के लिए एक और पिटीशन डाल दिया था. वहीं ईडी के ही दो गवाहों के खिलाफ उसने नामजद प्राथमिकी दायर करा दी थी. इसी केस में 164 के तहत बयान में ईडी के अधिकारी पर भी जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का आरोप विजय ने लगाया था.

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