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चुनाव आयोग का बड़ा ऐलान: SIR के दूसरे चरण की शुरुआत, 12 राज्यों में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण

नई दिल्ली : मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में देशभर में मतदाता सूची को मजबूत बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दूसरे चरण की घोषणा की। बिहार में पहले चरण की अपार सफलता के बाद अब यह प्रक्रिया 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) में शुरू होगी। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को साफ-सुथरी, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि लोकतंत्र की नींव और मजबूत हो सके।

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SIR क्या है और क्यों जरूरी?

SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन, मतदाता सूची की गहन जांच और संशोधन की प्रक्रिया है। इसमें डुप्लीकेट नाम, मृत मतदाताओं के नाम, अयोग्य या विदेशी नागरिकों के एंट्रीज को हटाया जाता है, जबकि योग्य नागरिकों को सूची में जोड़ा जाता है। सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा, “अनुच्छेद 326 के तहत मतदान का अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को है। दशकों से अपडेट न होने के कारण सूची में कई खामियां आई हैं, जिन्हें अब सुधारना जरूरी है।” बिहार मॉडल को ‘रोल मॉडल’ बताते हुए उन्होंने उल्लेख किया कि वहां 7.5 करोड़ मतदाताओं का 70% से अधिक सत्यापन हो चुका है और ‘जीरो अपील’ दर्ज हुई, जो पारदर्शिता का प्रमाण है।

किन राज्यों में शुरू होगा SIR का दूसरा चरण?

दूसरा चरण 28 अक्टूबर 2025 से शुरू होगा। इसमें शामिल 12 राज्य और UTs हैं: अंडमान एंड निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल। विशेष रूप से 2026 में विधानसभा चुनाव होने वाले राज्यों जैसे केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी को प्राथमिकता दी गई है। असम को शामिल न करने का कारण सीईसी ने नागरिकता कानून से जुड़ी विशेष परिस्थितियां बताया।

प्रक्रिया और समयरेखा

आज (27 अक्टूबर) रात 12 बजे इन राज्यों की मतदाता सूचियां फ्रीज कर दी जाएंगी। इसके बाद कोई बदलाव नहीं होगा। हर बूथ पर एक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) तीन बार घर-घर जाकर सत्यापन करेगा। डिजिटल मैपिंग और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्रक्रिया तेज होगी। 9 दिसंबर 2025 को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होगी, जिसमें नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन की अपील की जा सकेगी। 7 फरवरी 2026 को अंतिम सूची प्रकाशित होगी।

सीईसी ने नागरिकों से अपील की है कि SIR में सक्रिय भागीदारी दें। 2003 की पुरानी वोटर लिस्ट http://voters.eci.gov.in पर चेक करें।” उन्होंने जोर दिया कि यह प्रक्रिया हर योग्य मतदाता को बिना बाधा के वोट डालने का अधिकार सुनिश्चित करेगी।

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