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झरिया के पूर्व BJP विधायक संजीव सिंह 8 साल बाद रिहा, सुप्रीम कोर्ट की जमानत के बाद रिनपास से बाहर आए

रांची: झरिया के पूर्व भाजपा विधायक संजीव सिंह को सोमवार शाम, 11 अगस्त 2025 को रांची के रिनपास (रांची इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो-साइकियाट्री एंड एलाइड साइंसेज) से रिहा कर दिया गया। संजीव सिंह अपने चचेरे भाई और झरिया के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या के मामले में लगभग आठ वर्षों से न्यायिक हिरासत में थे। सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत मंजूर किए जाने के बाद ट्रायल कोर्ट ने उनकी रिहाई का आदेश जारी किया, जिसके तहत उन्हें रिनपास से बाहर लाया गया।

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रिहाई की प्रक्रिया

सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ, जिसमें न्यायमूर्ति बीआर गवई, न्यायमूर्ति विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति एनबी अंजारिया शामिल थे, ने संजीव सिंह के वरिष्ठ अधिवक्ता सन्नी चौधरी की दलीलों को सुनने के बाद उन्हें जमानत दी। उनके अधिवक्ता मोहम्मद जावेद ने बताया कि ट्रायल कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार रिहाई की प्रक्रिया पूरी की। रिलीज ऑर्डर सोमवार को धनबाद जेल से रिनपास पहुंचा, जिसके बाद रिनपास के डॉक्टरों ने उनकी छुट्टी की प्रक्रिया पूरी की।

धनबाद जाने पर प्रतिबंध

जमानत की शर्तों के तहत संजीव सिंह को फिलहाल धनबाद जिले की सीमा में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है। इस वजह से वह रिहाई के बाद रांची में ही रहेंगे। उनके समर्थकों ने रिनपास के बाहर जश्न मनाया और उनकी रिहाई को “न्याय की जीत” करार दिया।

नीरज सिंह हत्याकांड का मामला

21 मार्च 2017 को धनबाद के सरायढेला इलाके में नीरज सिंह, उनके दो अंगरक्षकों और एक ड्राइवर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में संजीव सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया था। नीरज सिंह के भाई अभिषेक सिंह ने सरायढेला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें संजीव सिंह और अन्य लोगों पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया गया था। 11 अप्रैल 2017 से संजीव सिंह न्यायिक हिरासत में थे, और उनकी जमानत याचिकाएं पहले निचली अदालत और झारखंड हाई कोर्ट में कई बार खारिज हो चुकी थीं।

संजीव सिंह की तबीयत बिगड़ने के बाद 11 जुलाई 2023 को उन्हें धनबाद के एसएनएमएमसीएच में भर्ती किया गया था। इसके बाद हाई कोर्ट के आदेश पर 11 अगस्त 2023 को उन्हें रांची के रिम्स रेफर किया गया, और फिर 24 जनवरी 2024 से उनका इलाज रिनपास में चल रहा था।

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