राजस्थान मित्र मंडल के पंडाल का भव्य उद्घाटन, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

रांची : श्री राजस्थान मित्र मंडल के तत्वावधान में सरोवर महादेव प्रांगण, निगम पार्क में आयोजित भव्य पंडाल का उद्घाटन आज संध्या 6:00 बजे रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ, राज्यसभा सांसद महुआ माझी, वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, विधायक चंद्रवेश्वर प्रसाद सिंह और महानगर अध्यक्ष वरन साहू के करकमलों द्वारा विधिवत दीप प्रज्ज्वलन के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर आचार्य मानू शर्मा और शशि शर्मा द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ अतिथियों का तिलक और रक्षा सूत्र बंधन किया गया। अतिथियों ने मां की प्रतिमा को पुष्पमाला अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

पंडाल में इको-फ्रेंडली थीम के तहत बच्चों पर पढ़ाई के अत्यधिक बोझ को दर्शाया गया है। थीम में एक स्वरूपी बच्चा अपनी मां से कहता है, “मां, मैं खेलने जाऊं?” और मां जवाब देती है, “जाकर पढ़ो।” यह संदेश साइड म्यूजिक के साथ प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है, जो पंडाल की थीम को और भी आकर्षक बनाता है। पंडाल के मुख्य द्वार पर भगवान विष्णु शेषनाग पर विराजमान हैं, जबकि गर्भगृह तक पहुंचने के लिए पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग पंक्तियां बनाई गई हैं। मां की प्रतिमा अलौकिक और मनमोहक है, और पंडाल की आंतरिक सज्जा व कलाकृतियां देखते ही बनती हैं।

आयोजन स्थल पर छोटे मेले का स्वरूप भी है, जहां 10 विभिन्न प्रकार के झूलों का लुत्फ उठाया जा सकता है। दर्शन के बाद श्रद्धालु अपने परिवार और मित्रों के साथ शुद्ध और स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद ले सकते हैं। पंडाल में भारत माता का राष्ट्रीय ध्वज लिए आकर्षक प्रतिमा भी स्थापित की गई है, जो सभी के लिए दर्शनीय है।

उद्घाटन समारोह में संस्था के अध्यक्ष अशोक पुरोहित, सचिव सौरव सरावगी, संरक्षक विनय सरावगी, रवि शंकर शर्मा, आलोक साहू, मनोज बजाज, पप्पू बथवाल, गोवर्धन प्रसाद गाड़ोदिया, सुनील शर्मा, विष्णु सोनी, अमन पुरोहित, शुभम पुरोहित, आकाश, आतिश सिंह, सुभाष झुनझुनवाला, प्रमोद बजाज, बसंत मुरारका, बसंत मित्तल, राजकुमार केड़िया, चंडी डालमिया, कमल शर्मा, योगेश सारस्वत, नवीन साहू, गौरव साहू, दिवाकर मिश्रा, मनीष गुप्ता सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

पंडाल आज से दर्शनार्थियों के लिए खोल दिया गया है, और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मां के दर्शन के लिए उमड़ रही है। यह आयोजन न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।


















