ma durga 1505761320

दुमका में दुर्गापूजा को लेकर गाइडलाइन जारी.

दुमका, शौरभ सिन्हा.

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

दुमका : उपायुक्त राजेश्वरी बी ने कहा की दुर्गा पूजा का पर्व 17 अक्टूबर 2020 से 26 अक्टूबर 2020 तक मनाया जा रहा है. जिले में होली, मोहर्रम एवं अन्य प्रमुख त्यौहार शांतिपूर्वक संपन्न कराए जा चुके हैं. उपायुक्त ने जिले वासियों को दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं देते हुए सरकार द्वारा जारी एसओपी/गाइडलाइन के आधार पर शांतिपूर्ण एवं आपसी सौहार्द के साथ त्यौहार मनाने की अपील की.

उपायुक्त ने दुर्गा पूजा के आयोजन को लेकर राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा- निर्देश से सभी पूजा समिति के सदस्यों को अवगत कराते हुए सबकी सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु अपील की. उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा के अवसर पर सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से अनुपालन करे. उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा का आयोजन मंदिर, घरों के अलावा छोटे स्तर पर तैयार किए गए पंडालों में किया जा सकता है. पंडालों को ऐसा बनाया जाना है जिसमें बाहर से कोई मूर्ति नहीं दिख सके और ना ही भीड़ लग सके. किसी तरह की लाइटिंग पूजा पंडाल आसपास के इलाके में करने पर पाबंदी रहेगी. किसी तरह के थीम पर कोई पंडाल या मंडप नहीं बनेगा. किसी तरह का तोरण द्वार या स्वागत गेट किसी भी आयोजन के दौरान नहीं बनाया जाएगा. सिर्फ पंडाल से जहां मूर्ति रहेगी वहीं ढका हुआ रहेगा. मूर्ति की साइज सिर्फ 4 फीट की ही होनी चाहिए और किसी तरह का मेला नहीं लगेगा.

दुर्गा पूजा के पंडाल में एक समय में पुजारी और आयोजक को मिलाकर सिर्फ 7 लोग ही रह सकते हैं. किसी तरह का विसर्जन का जुलूस नहीं निकलेगा सिर्फ प्रशासन जहां तय करेगा वहां सादगी से जाकर विसर्जन कर दिया जाना है. किसी तरह का कोई प्रसाद भोग वितरण या भोज कराने की इजाजत नहीं होगी. वहीं उन्होनें कहा कि किसी तरह का पंडाल या मूर्ति का उद्घाटन नहीं होगा. किसी तरह का गरबा या डांडिया का कार्यक्रम आयोजन नहीं होगा. रावण का पुतला दहन को लेकर किसी तरह का कोई बड़ा आयोजन करने पर रोक रहेगी, सारे आयोजन के दौरान जो आयोजक और पुजारी है वे मास्क पहने होने चाहिए. 6 फ़ीट का पब्लिक डिस्टेंस होना जरूरी है.

जो लोग पूजा पंडाल में मंडप में होंगे वे सफाई का ख्याल रखेंगे और कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करेंगे. पूजा के आयोजित स्थानीय प्रशासन के आदेशों का पालन करने के लिए बाध्य होंगे. अगर किसी ने इस तरह के नियम का उल्लंघन किया तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी.

Share via
Share via