हेमंत सरकार,हिन्दू विरोधी सरकार घोड़धम्बा घटना में दर्ज एफआइआर तुष्टिकरण से प्रभावित : बाबूलाल मरांडी
हेमंत सरकार,हिन्दू विरोधी सरकार घोड़धम्बा घटना में दर्ज एफआइआर तुष्टिकरण से प्रभावित : बाबूलाल मरांडी
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!BJP प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज सोशल मीडिया एक्स के माध्यम से हेमंत सरकार पर बड़ा निशाना साधा। मरांडी ने राज्य सरकार को हिंदू विरोधी बताते हुए कहा कि उनकी आशंका सही साबित हुई।
कहा कि उन्होंने कल आशंका व्यक्त की थी कि होली के दिन गिरिडीह के घोड़थंबा में हुई हिंसा मामले में प्रशासन उपद्रवियों का बचाव करते हुए मामले को संतुलित दिखाने के लिए पीड़ित हिंदू पक्ष पर कारवाई कर सकती है।
उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए लिखा की
मैंने कल आशंका व्यक्त की थी कि होली के दिन गिरिडीह के घोड़थंबा में हुई हिंसा मामले में प्रशासन उपद्रवियों का बचाव करते हुए मामले को संतुलित दिखाने के लिए पीड़ित हिंदू पक्ष पर कारवाई कर सकती है। अब इस मामले में दर्ज FIR को देखने से ऐसा लगता है जैसे यह कोई शिकायतवाद नहीं, बल्कि हिंदुओं पर हुए हमले का एक पूर्व नियोजित खाका हो। FIR में जिस प्रकार से घटना को वर्णित किया गया है, उससे ऐसा प्रतीत होता है कि कांग्रेस-झामुमो के शासन में हिंदुओं ने होली मनाकर कोई अपराध कर दिया है। यदि हिंदू अपना त्योहार मनायेंगे तो उनपर बोतल बम और पत्थर से हमला होगा, फिर उसके बाद घटना का दोषी बताते हुए उनपर ही मुकदमा भी दर्ज होगा!यह FIR पूरी तरह तुष्टिकरण से प्रभावित लगती है, जिसमें हेमंत सरकार की हिंदूविरोधी मानसिकता स्पष्ट नज़र आती है। सिर्फ पीड़ित हिंदू पक्ष को कटघरे में खड़ा कर उन्हें ही दोषी ठहराया जाने की सुनियोजित साजिश रची गई है। घटना के असली गुनहगारों को बचाने की पटकथा (FIR) लिखकर सरकार ने उपद्रवियों का मनोबल बढ़ाने और भविष्य में हिंदुओं के ऊपर ऐसे ही हिंसक हमले करने के लिए प्रेरित किया है।















