जमशेदपुर में बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ भारी आक्रोश, बीजेपी-हिंदू संगठनों ने निकाली रैली, पुतला दहन
जमशेदपुर में बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ भारी आक्रोश, बीजेपी-हिंदू संगठनों ने निकाली रैली, पुतला दहन
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जमशेदपुर, 21 दिसंबर
जमशेदपुर के विभिन्न हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ तीव्र आक्रोश देखने को मिल रहा है। कदमा बीजेपी मंडल, विश्व हिंदू परिषद, हिंदू एकता मंच, सर्व सनातन समाज सहित कई हिंदू संगठनों ने आज शहर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया।
रैली और पुतला दहन
कदमा क्षेत्र से शुरू हुई यह रैली सुभाष मैदान होते हुए जिला उपायुक्त कार्यालय तक पहुंची। प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का पुतला दहन किया और जोरदार नारेबाजी की।
प्रमुख नारे थे:“बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार बंद करो!”
“हिंदू-हिंदू भाई-भाई, एकता में ही है शक्ति!”
“अन्याय सहेंगे नहीं, अब चुप नहीं रहेंगे!”
प्रदर्शनकारियों ने एक ज्ञापन भी जमा किया, जिसमें भारत सरकार से कूटनीतिक स्तर पर बांग्लादेश के साथ बातचीत कर हिंदू समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई।
संगठनों की मांगें
बांग्लादेश सरकार तुरंत हिंदू मंदिरों, घरों और संपत्ति पर हो रहे हमलों को रोकें।
दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
झारखंड सरकार बांग्लादेश से आए अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजे, अन्यथा हिंदू संगठन स्वयं इसकी पहचान कर कार्रवाई करेंगे।
नेता क्या बोले?
“बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा असहनीय है। मंदिर तोड़े जा रहे हैं, महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं। भारत सरकार को इस पर सख्त रुख अपनाना चाहिए।”
“हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अगर बांग्लादेश सरकार नहीं सुनी तो आगे और कड़े कदम उठाए जाएंगे।”
बांग्लादेश में क्या स्थिति?
अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद से बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हमलों की संख्या में भारी वृद्धि देखी गई है। हिंदू बौद्ध क्रिश्चियन यूनिटी काउंसिल के अनुसार, 2024-25 में 2,000 से अधिक हिंसक घटनाएं दर्ज की गईं।प्रदर्शनकारी संगठनों ने कहा कि वे शांति और कानून के दायरे में रहकर ही आंदोलन जारी रखेंगे, लेकिन हिंदू समुदाय के साथ होने वाले अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

















