सिमिरिया में इंद मेला का आयोजन: सामाजिक एकता और सांस्कृतिक उत्सव का प्रतीक
शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा : बांसजोर प्रखंड के सिमिरिया गांव में युवा क्लब संघ द्वारा इंद मेला सह रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह मेला झारखंड की आदिवासी संस्कृति की समृद्ध परंपरा को दर्शाता है, जहां पारंपरिक नृत्य, संगीत और भाईचारे का अनोखा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में ग्रामीण और मेला प्रेमी शामिल हुए, जो रात भर चले सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लेते रहे।
मुख्य अतिथि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) जिला अध्यक्ष अनिल कंडुलना सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों का भव्य स्वागत किया गया। पारंपरिक ढोल-नगाड़े की थाप पर नाचते-गाते अतिथियों को मंच तक लाया गया। महिला मंडल समूह ने स्वागत गान प्रस्तुत किया, जबकि मेला समिति के पदाधिकारियों ने शॉल ओढ़ाकर और बुके भेंटकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि और आयोजन समिति द्वारा सामूहिक रूप से फीता काटकर किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत क्षेत्र के लोकप्रिय गायकों रुपेश बड़ाइक और जगदीश बड़ाइक द्वारा भक्ति वंदना से हुई। मंच संचालन कृष्णा बड़ाइक और विषम्बर बड़ाईक ने कुशलतापूर्वक किया।
मुख्य अतिथि अनिल कंडुलना ने अपने संबोधन में कहा, “इंद मेला सामाजिक एकता, सांस्कृतिक उत्सव और भाईचारे का प्रतीक है। यह सिर्फ एक मेला नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और परंपरा का हिस्सा है, जो विविधता में एकता का संदेश देता है।” उन्होंने ग्रामीणों से आपसी सहयोग और सौहार्द बनाए रखने की अपील की तथा कहा कि ऐसे आयोजन से आपसी प्रेम और भाईचारा बढ़ता है। झामुमो पार्टी की ओर से ऐसे कार्यक्रमों के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए उन्होंने क्षेत्र की किसी भी समस्या के लिए संपर्क करने का आग्रह किया।
मौके पर दिलेश्वर साहू, मुकेश बड़ाइक, शंकर बड़ाइक, राम बड़ाइक, पहान मतियास समद, झामुमो नेता रितेश बड़ाइक, दिलीप बा, सुरसेन समद, डोमनिक तिर्की, विक्की बड़ाइक तथा झामुमो प्रखंड समिति के पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।
















