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Jamshedpur Ganga Aarti : महाशिवरात्रि पर दोमोहानी संगम में उमड़ा आस्था का सैलाब, काशी की तर्ज पर हुई भव्य ‘गंगा आरती’

Jamshedpur Ganga Aarti: महाशिवरात्रि पर दोमोहानी संगम में उमड़ा आस्था का सैलाब, काशी की तर्ज पर हुई भव्य ‘गंगा आरती’

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Mahashivratri 2026 : जमशेदपुर | सोनारी स्थित स्वर्णरेखा और खरकई नदी के पावन संगम ‘दोमोहानी’ पर महाशिवरात्रि के अवसर पर एक अद्भुत नज़ारा देखने को मिला। आस्था और भक्ति के समागम ने लौह नगरी को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। यहाँ पहली बार काशी (वाराणसी) की तर्ज पर भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया, जिसे देखने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े।
वैदिक मंत्रोच्चार और 21 पंडितों का शंखनाद
शाम ढलते ही पूरा संगम तट विद्युत सज्जा और फूलों की खुशबू से महक उठा। कार्यक्रम का आगाज़ वैदिक मंत्रोच्चार और गूंजते हुए शंखनाद के साथ हुआ। पारंपरिक वेशभूषा में सजे 21 पंडितों ने जब एक साथ मां गंगा की आरती शुरू की, तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। दीपों की रोशनी और धूप-दीप की सुगंध ने श्रद्धालुओं को काशी के घाटों की याद दिला दी।
मुख्य आकर्षण: आतिशबाजी और दीपदान
आरती के दौरान सुरक्षा और भव्यता का विशेष ध्यान रखा गया था। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में शामिल रहे:
* भव्य आतिशबाजी: आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से नहा उठा, जिसने भक्तों के उत्साह को दोगुना कर दिया।
* सामूहिक दीपदान: हजारों श्रद्धालुओं ने अपने हाथों में दीप जलाकर सुख-समृद्धि की कामना की।
* हर-हर महादेव का उद्घोष: पूरा क्षेत्र ‘हर-हर महादेव’ और ‘गंगा मैया की जय’ के नारों से गूंजता रहा।
> “महाशिवरात्रि के अवसर पर पहली बार इतने बड़े स्तर पर आरती का आयोजन किया गया है। हमारा उद्देश्य शहरवासियों को एक आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करना था।” – आयोजक समिति
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भक्ति और शांति का संगम
आयोजकों द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए थे। श्रद्धालुओं के अनुसार, इस तरह के आयोजनों से शहर की सांस्कृतिक पहचान को एक नई ऊंचाई मिली है। देर रात तक भक्त भक्ति भजनों पर झूमते नजर आए।

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