झारखंड के पलामू जंगल में जवान विजय उराँव की निर्मम हत्या, शव छत-विछत हालत में मिला
झारखंड के पलामू जंगल में जवान विजय उराँव की निर्मम हत्या, शव छत-विछत हालत में मिला
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!झारखंड के पलामू जिले के जंगलों में एक सनसनीखेज और दुखद घटना सामने आई है, जिसमें सीटीसी (काउंटर टेररिज्म एंड जंगल वारफेयर कॉलेज) मुसाबनी में तैनात जवान विजय उराँव की निर्मम हत्या कर दी गई। चियांकी (पलामू) के रहने वाले विजय उराँव का शव जंगल में अत्यंत क्षत-विक्षत अवस्था में पाया गया, जिसके बाद उसे पोस्टमॉर्टम के लिए राँची के रिम्स (राँची इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सायंसेज) लाया गया। इस घटना ने न केवल स्थानीय समुदाय, बल्कि पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है।
घटना का विवरण
विजय उराँव, जो सीटीसी मुसाबनी में अपनी सेवाएँ दे रहे थे, की हत्या के बाद उनका शव पलामू के घने जंगलों में फेंक दिया गया था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शव इतनी बुरी तरह क्षत-विक्षत था कि उसकी पहचान करना भी चुनौतीपूर्ण था। इस कारण शव को विस्तृत जांच और पोस्टमॉर्टम के लिए रिम्स, राँची भेजा गया। यह घटना स्थानीय पुलिस और प्रशासन के लिए एक गंभीर चुनौती बन गई है, क्योंकि ऐसी क्रूर हत्या के पीछे के मकसद और अपराधियों का अभी तक कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिला है।
प्रदेश नेतृत्व का सक्रिय सहयोग
इस दुखद घटना की सूचना मिलते ही प्रदेश अध्यक्ष, महामंत्री, प्रदेश उपाध्यक्ष रहमान खान, और परमेश्वर महतो तत्काल रिम्स पहुँचे। उन्होंने पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके साथ ही, उन्होंने जवान विजय उराँव के शव को उनके गृहक्षेत्र चियांकी तक सम्मानपूर्वक पहुँचाने के लिए उचित प्रबंध सुनिश्चित किए। इस संवेदनशील समय में उनके इस कदम की स्थानीय लोगों और जवान के परिजनों ने सराहना की है।
जवानों के लिए सलाह और अपील
इस घटना ने सुरक्षा बलों के बीच सुरक्षा और सतर्कता को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इस संदर्भ में सभी जवानों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार के विवाद या लफड़े से बचें। साथ ही, यह सलाह दी गई है कि घर से बाहर निकलने से पहले अपनी योजनाओं और ठिकानों की जानकारी अपने परिवार वालों को अवश्य दें। यह कदम न केवल उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा को बढ़ाएगा, बल्कि ऐसी दुखद घटनाओं को रोकने में भी मदद कर सकता है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
हालांकि इस मामले में पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि स्थानीय पुलिस और प्रशासन इस हत्याकांड की गहन जांच में जुटे हैं। शव की स्थिति को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यह एक सुनियोजित और क्रूर अपराध हो सकता है। पुलिस संभवतः इस मामले में जंगल क्षेत्र की सघन तलाशी, स्थानीय लोगों से पूछताछ, और अन्य फोरेंसिक साक्ष्यों की जांच कर रही है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
विजय उराँव की हत्या ने चियांकी और आसपास के क्षेत्रों में गहरा आक्रोश पैदा किया है। स्थानीय लोग और जवान के परिजन इस क्रूर हत्याकांड की निंदा कर रहे हैं और दोषियों को जल्द से जल्द सजा देने की मांग कर रहे हैं। इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और जवानों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

















