जेडीयू विधायक गोपाल मंडल ने सीएम आवास के बाहर धरना दिया, टिकट विवाद ने बढ़ाई एनडीए में खलबली

पटना : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की दहलीज पर खड़ी राजनीति में मंगलवार को एक नया ट्विस्ट आ गया। जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक गोपाल मंडल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की मांग को लेकर सीएम आवास (1 अणे मार्ग) के बाहर धरना दे दिया। उन्होंने साफ कहा कि जब तक पार्टी से गोपालपुर विधानसभा सीट का टिकट न मिले, वे यहीं डटे रहेंगे। इस घटना से एनडीए के अंदरूनी समीकरणों पर सवाल खड़े हो गए हैं, जबकि विपक्षी महागठबंधन सीट बंटवारे की अंतिम चर्चा में जुटा हुआ है।

गोपाल मंडल, जो भगलपुर जिले की गोपालपुर विधानसभा सीट से चार बार विधायक रह चुके हैं, ने दावा किया कि नीतीश कुमार के करीबी लोग उनकी टिकट काटने की साजिश रच रहे हैं। “मैं कद्दावर नेता हूं। सीएम से मिलकर अपनी बात रखूंगा और बिना टिकट के कहीं नहीं जाऊंगा,” मंडल ने धरना स्थल पर समर्थकों के बीच नारेबाजी के बीच कहा। उनके समर्थक भी मौके पर पहुंचे और ‘टिकट दो, अन्यथा हल्ला बोल’ जैसे नारे लगाते रहे। सुरक्षा बलों ने सीएम आवास को घेर लिया है।

यह घटना जेडीयू के लिए शर्मिंदगी का सबब बन सकती है, खासकर तब जब पार्टी चुनावी तैयारियों में जुटी हुई है। मंडल को पार्टी टिकट की संभावना कम बताई जा रही है, जिससे उनकी नाराजगी भड़क उठी। उधर, इसी क्रम में जेडीयू के सांसद अजय कुमार मंडल ने भी भगलपुर से अपना इस्तीफा दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि टिकट वितरण में उनकी सलाह नहीं ली गई। ये घटनाक्रम एनडीए की एकजुटता पर सवालिया निशान लगा रहे हैं, जबकि भाजपा और जेडीयू संयुक्त रूप से चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुकी हैं।

गोपाल मंडल पहले भी वे अपने विवादास्पद बयानों और हरकतों को लेकर सुर्खियों में छाए रहे हैं। 2021 में दिल्ली से पटना लौटते समय तेजस राजधानी एक्सप्रेस के एसी कोच में अंडरवियर में टहलते हुए उनका वीडियो वायरल हो गया था, जिसके बाद उन्होंने पेट दर्द का हवाला देकर सफाई दी थी। नीतीश कुमार के कट्टर समर्थक माने जाने वाले मंडल को पार्टी में ‘खास’ माना जाता रहा है, लेकिन टिकट विवाद ने उनकी वफादारी पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना के बाद पुलिस ने इलाके में भारी सुरक्षा व्यवस्था तैनात कर दी है। गोपाल मंडल का धरना जारी है, और पार्टी स्तर पर उन्हें मनाने की कोशिशें चल रही हैं।


















