दावोस ‘व्हाइट बैज’ कोई सम्मान नहीं, सिर्फ पहचान पत्र: भाजपा ने CM हेमंत सोरेन के दावे को बताया भ्रामक प्रचार
रांची: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा दावोस में मिले ‘व्हाइट बैज’ को “सर्वोच्च अंतरराष्ट्रीय सम्मान” बताए जाने पर कड़ा विरोध जताया है। पार्टी ने इसे पूरी तरह भ्रामक, झूठा और मिथक पर आधारित दुष्प्रचार करार दिया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दावोस सम्मेलन में ‘व्हाइट बैज’ किसी विशेष सम्मान या उपलब्धि का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह केवल एक कलर-कोडेड पहचान पत्र है, जो आयोजन के सुचारु संचालन, सुरक्षा और प्रतिभागियों की भूमिका स्पष्ट करने के लिए दिया जाता है।
अजय साह ने विस्तार से समझाते हुए बताया कि WEF के प्रोटोकॉल के तहत विभिन्न श्रेणियों के लिए अलग-अलग रंगों के बैज जारी किए जाते हैं। सिल्वर बैज राष्ट्राध्यक्षों (प्रेसिडेंट/प्रधानमंत्री) के लिए, व्हाइट बैज सरकार के उच्च पदाधिकारियों, वरिष्ठ नौकरशाहों और कुछ अन्य प्रतिनिधियों के लिए सामान्य प्रक्रिया, ऑरेंज बैज मीडिया प्रतिनिधियों के लिए, ब्लैक बैज सुरक्षा कर्मियों के लिए और ब्लू बैज स्वयंसेवकों के लिए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि ये बैज किसी “सम्मान” या “प्रतिष्ठा” के नहीं, बल्कि प्रशासनिक सुविधा और सुरक्षा प्रबंधन के उद्देश्य से होते हैं। “इसे सर्वोच्च सम्मान के रूप में प्रचारित करना अपरिपक्व सोच को दर्शाता है और वैश्विक मंच पर झारखंड की गंभीरता व विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है।”
प्रवक्ता ने आगे कहा कि इसी तरह का व्हाइट बैज भारत के कई अन्य नेताओं और प्रतिनिधियों को भी मिला है, लेकिन किसी अन्य राज्य ने इसे इस तरह अतिरंजित और भ्रामक तरीके से प्रचारित नहीं किया। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से तथ्यात्मक स्पष्टीकरण देने की मांग की और झूठा नैरेटिव फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, ताकि भविष्य में झारखंड के नाम पर ऐसी राजनीति न हो।
















