झारखंड मुक्ति मोर्चा ने सूर्या हांसदा प्रकरण पर भाजपा की बयानबाजी को बताया भ्रामक और सस्ती राजनीति
रांची : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महासचिव विनोद पांडेय ने सूर्या हांसदा प्रकरण को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं के बयानों को “भ्रामक, तथ्यहीन और सस्ती राजनीति” करार दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मामले को राजनीतिक लाभ के लिए भुनाने की कोशिश कर रही है, जो पीड़ित परिवार और आदिवासी समाज के साथ अन्याय है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!विनोद पांडेय ने आरोप लगाया कि भाजपा सांसद दीपक प्रकाश व्यक्तिगत हितों के लिए इस मामले को तूल दे रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि सूर्या हांसदा के खिलाफ दर्ज 24 से अधिक मुकदमों का सच क्या है और क्या अवैध खनन व तस्करी में भाजपा से जुड़े लोग शामिल नहीं हैं? उन्होंने कहा, “भाजपा को इस पर जवाब देना चाहिए, न कि संवेदनशील मुद्दों पर सियासत करनी चाहिए।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि सूर्या हांसदा का इनकाउंटर उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि के कारण हुआ। राज्य की हेमंत सोरेन सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और न्यायिक जांच के साथ-साथ सीआईडी जांच भी शुरू की गई है। पांडेय ने भाजपा से बिना सबूत के सरकार और पुलिस पर सवाल उठाने के बजाय जांच एजेंसियों पर भरोसा रखने की अपील की।
विनोद पांडेय ने जोर देकर कहा कि हेमंत सरकार न्याय के प्रति प्रतिबद्ध है और जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति, चाहे वह पुलिस अधिकारी हो या अन्य, के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने भाजपा पर आदिवासी समाज के प्रति असंवेदनशील होने का आरोप लगाते हुए कहा कि सूर्या हांसदा को ‘सामाजिक कार्यकर्ता’ बताकर भाजपा जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, “आदिवासी समाज अपराधियों को स्वीकार नहीं करता।”
अंत में, विनोद पांडेय ने सभी राजनीतिक दलों से जांच पूरी होने तक धैर्य रखने और जिम्मेदारी से व्यवहार करने की अपील की ताकि सत्य सामने आ सके।















