ईडी का बड़ा एक्शन: कोडीन कफ सिरप के अवैध कारोबार पर 25 ठिकानों पर छापेमारी, रांची के शैली ट्रेडर्स पर शिकंजा
ईडी का बड़ा एक्शन: कोडीन कफ सिरप के अवैध कारोबार पर 25 ठिकानों पर छापेमारी, रांची के शैली ट्रेडर्स पर शिकंजा
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रांची/लखनऊ/वाराणसी, 12 दिसंबर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार सुबह झारखंड, उत्तर प्रदेश और गुजरात में कोडीन युक्त खतरनाक कफ सिरप के अवैध उत्पादन, बिक्री और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सुबह करीब 7 बजे से एक साथ 25 स्थानों पर चल रही तलाशी में रांची का चर्चित व्यापारिक प्रतिष्ठान शैली ट्रेडर्स भी शामिल है।ईडी की टीमें लखनऊ, वाराणसी, जौनपुर, सहारनपुर, गाजियाबाद, अहमदाबाद और रांची में छापे मार रही हैं। सूत्रों के मुताबिक इस नेटवर्क का सालाना कारोबार 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का है और अब तक 67 आरोपी चिह्नित किए जा चुके हैं।
मुख्य आरोपी फरार, दुबई भागने की आशंका
इस मामले का मास्टरमाइंड रांची का व्यापारी शुभम जयसवाल बताया जा रहा है, जो शैली ट्रेडर्स का संचालक है। ईडी ने उसे 8 दिसंबर को पेश होने का समन भेजा था, लेकिन वह फरार है। खुफिया जानकारी के अनुसार वह दुबई भाग चुका है।शुभम के पिता भोला प्रसाद जयसवाल को 29 नवंबर को कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था। शुभम के साथी आलोक सिंह, अमित सिंह और माहेश सिंह भी फरार हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस ने शुभम और उसके साथियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है।
रांची में शैली ट्रेडर्स पर शिकंजा
ईडी ने रांची के तुपुदाना औद्योगिक क्षेत्र में शुभम जयसवाल के गोदाम और आवास पर तलाशी की। जांच में पता चला है कि शैली ट्रेडर्स के जरिए झारखंड में ही इस कफ सिरप का सालाना 5 करोड़ रुपये से अधिक का अवैध कारोबार हो रहा था।
कैसे चल रहा था नेटवर्क?
हिमाचल प्रदेश की फार्मा कंपनियों से कोडीन सिरप की आपूर्ति
गाजियाबाद-लखनऊ-वाराणसी के गोदामों से वितरण
फर्जी बिलिंग, शेल कंपनियां और बेनामी खातों से मनी लॉन्ड्रिंग
नेपाल और बांग्लादेश तक तस्करी
ईडी को कई ऐसी फर्में मिली हैं जो केवल कागजों पर ही अस्तित्व में थीं। आरोपी व्यापारियों के चार्टर्ड अकाउंटेंट विष्णु अग्रवाल को भी जांच के दायरे में लिया गया है।
मध्य प्रदेश में 50 से ज्यादा मौतें,
यूपी में सख्तीयह मामला उस कफ सिरप से जुड़ा है जिससे मध्य प्रदेश में 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद उत्तर प्रदेश में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FSDA), STF और पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया था। अब तक 120 से अधिक FIR दर्ज हो चुकी हैं।हाल ही में वाराणसी के एक गोदाम से 30,000 बोतलें (लागत करीब 60 लाख रुपये) जब्त की गई थीं।ईडी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई न केवल अवैध दवा कारोबार को रोकने के लिए है, बल्कि इससे जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग की पूरी चेन को भी तोड़ने का प्रयास है।कार्रवाई अभी जारी है और जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

















