बुंडू में धूमधाम से मनाया गया मनसा पूजा पर्व, सांपों की पूजा के साथ दिखा अनूठा उत्साह
रांची/बुंडू : झारखंड के बुंडू और तमाड़ क्षेत्र में इन दिनों मनसा पूजा की धूम देखने को मिल रही है। यह पर्व सर्पदेवी मनसा मां को समर्पित है, जिसमें जहरीले सांपों को देवी तुल्य पूजने की परंपरा है। पंचपरगनिया क्षेत्र में यह उत्सव पूरे उत्साह और आस्था के साथ मनाया जा रहा है, जिसमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सांपों के साथ अनोखी आस्था
मनसा पूजा के दौरान भक्तगण जहरीले सांपों को पकड़कर उन्हें गले में लपेटते हैं और उनके साथ करतब दिखाते हैं। कुछ लोग सांपों को मुंह में भी डालते हैं, जो इस पर्व की अनूठी परंपरा को दर्शाता है। मान्यता है कि विशेष मंत्रों और सर्पदंश निवारक जड़ी-बूटियों के प्रयोग से सांपों के काटने का जहर शरीर में नहीं फैलता। कई भक्त अपने गालों, पेट और छाती में तार के त्रिशूल को आर-पार करते हैं, और उनका विश्वास है कि मनसा मां की कृपा से उन्हें कोई नुकसान नहीं होता।
नाग सांप और मनसा मां का विशेष महत्व
मनसा मां को नाग सांप की सवारी माना जाता है, इसलिए उनकी प्रतिमा में नाग सांप को भी दर्शाया जाता है। भादो माह में आसपास के जंगलों से मंत्रों के सहारे जहरीले सांपों को एकत्र किया जाता है। बंगाल और अन्य क्षेत्रों के कारीगरों द्वारा बनाई गई मनसा मां की खूबसूरत प्रतिमा की पूजा दो दिनों तक निर्जला उपवास के साथ की जाती है। पूजा के अंत में, मेले के बाद इन सांपों को मंत्रों के साथ जंगलों में वापस छोड़ दिया जाता है।
सांपों के साथ मित्रतापूर्ण व्यवहार
पंचपरगनिया क्षेत्र में सांपों को पकड़ने और फिर उन्हें जंगलों में छोड़ने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। गहमन, चिपी, नाग-नागिन और अजगर जैसे जहरीले सांपों के साथ मित्रतापूर्ण व्यवहार इस क्षेत्र की सांस्कृतिक विविधता और आस्था को उजागर करता है। भक्तों का मानना है कि मनसा पूजा से सांप उनके दोस्त बन जाते हैं और अपनी नृत्य कला से दर्शकों का मन मोह लेते हैं।
सामुदायिक उत्साह और परंपरा
मनसा पूजा में हर वर्ग के लोग शामिल होते हैं। नाच-गान के साथ सांपों को पिटारे में लेकर भक्तगण उत्सव की शोभा बढ़ाते हैं। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि पंचपरगनिया की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी दर्शाता है।

















