बीआइटी मेसरा में एमबीए छात्रा से छेड़छाड़ और ब्लेड से हमला, क्या कैंपस के अंदर भी सुरक्षित नहीं लड़कियां ? कैंपस में छात्रों का उग्र प्रदर्शन
बीआइटी मेसरा में एमबीए छात्रा से छेड़छाड़ और ब्लेड से हमला, क्या कैंपस के अंदर भी सुरक्षित नहीं लड़कियां ? कैंपस में छात्रों का उग्र प्रदर्शन
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रांची, 21 अगस्त : झारखंड की राजधानी रांची स्थित बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआइटी) मेसरा के कैंपस में बुधवार रात 8 बजे एक शर्मनाक घटना ने पूरे संस्थान को हिलाकर रख दिया। एक एमबीए की छात्रा के साथ कुछ असामाजिक तत्वों ने न केवल छेड़छाड़ की, बल्कि विरोध करने पर उस पर ब्लेड से हमला भी किया। इस हमले में छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई और उसे तत्काल नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। घटना की जानकारी मिलते ही कैंपस में आक्रोश फैल गया, और छात्रों ने देर रात तक प्रशासनिक भवन के पास उग्र विरोध-प्रदर्शन किया। आज सुबह से ही छात्र एकजुट होकर प्रशासनिक भवन के सामने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए और इंसाफ के लिए लगातार प्रदर्शन करते रहे

प्रदर्शन करती छात्राएं
घटना का विवरण
जानकारी के अनुसार, भागलपुर की रहने वाली एमबीए की छात्रा, जो बीआइटी के छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही है, बुधवार शाम को हॉस्टल से बाहर टहलने निकली थी। इसी दौरान कुछ बाहरी असामाजिक तत्वों ने उससे छेड़छाड़ शुरू कर दी। जब छात्रा ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उस पर ब्लेड से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद उसे तुरंत इलाज के लिए नजदीकी नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है।
छात्रों में आक्रोश, कैंपस में प्रदर्शन
इस घटना ने कैंपस के छात्र-छात्राओं में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया। देर रात सैकड़ों छात्र प्रशासनिक भवन के पास एकत्र हुए और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब कैंपस में इस तरह की घटना हुई हो, लेकिन इस बार मामला गंभीर है क्योंकि छात्रा पर शारीरिक हमला भी किया गया। उन्होंने कैंपस के आसपास की बस्तियों से आने वाले असामाजिक तत्वों पर रोक लगाने और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

छात्रों ने कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। एक छात्र ने कहा, “यह घटना अत्यंत निंदनीय है और कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती है। हमारा विरोध इस बात का प्रतीक है कि छात्र समुदाय एकजुट होकर ऐसी मानसिकता और अपराधों के खिलाफ खड़ा है।” छात्रों ने सभी छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे इस प्रदर्शन में शामिल हों और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग करें।
पुलिस और प्रशासन का रवैया
घटना की सूचना मिलते ही बीआइटी ओपी की पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन छात्र सुरक्षा की गारंटी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। हालांकि, अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं, कॉलेज प्रशासन ने इस घटना पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, जिससे छात्रों में और अधिक नाराजगी देखी जा रही है। छात्रों ने घोषणा की है कि जब तक दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। इसके विरोध में गुरुवार को छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार करने का फैसला किया है।
कैंपस की सुरक्षा पर सवाल
छात्रों ने बताया कि बीआइटी मेसरा के आसपास की बस्तियों से अक्सर असामाजिक तत्व कैंपस में घुस आते हैं, जो छात्राओं के लिए खतरा बनते हैं। कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग उठ रही है। इससे पहले भी, जून 2025 में, बीआइटी प्रशासन ने कैंपस में बाहरी लोगों की घुसपैठ और चोरी की घटनाओं को देखते हुए परिसर की घेराबंदी शुरू की थी, लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध के कारण यह कार्य पूरी तरह लागू नहीं हो सका।
छात्रों का कहना है कि कैंपस में बाहरी लोगों की आवाजाही पर सख्त नियंत्रण और बेहतर सुरक्षा उपायों की जरूरत है। एक छात्र ने कहा, “बीआइटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में ऐसी घटनाएं शर्मनाक हैं। प्रशासन को तुरंत कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।”
आगे की मांगें और अपील
छात्रों ने मांग की है कि:
1. दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा सुनिश्चित की जाए।
2. कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए, जिसमें सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाना और सुरक्षा गार्डों की तैनाती शामिल है।
3. बाहरी लोगों की कैंपस में अनधिकृत प्रवेश पर पूर्ण रोक लगाई जाए।
छात्रों ने सभी छात्र-छात्राओं सभी से एकजुट होकर इस घटना के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की है। उनका कहना है कि यह केवल एक छात्रा की सुरक्षा का सवाल नहीं, बल्कि पूरे कैंपस और समाज में महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा है।
जाहिर है यह घटना न केवल बीआइटी मेसरा की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि देश भर के शैक्षणिक संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता को और गहरा करती है। छात्रों का आंदोलन और उनकी मांगें प्रशासन को त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के लिए मजबूर कर सकती हैं। फिलहाल, पुलिस जांच और छात्रों का प्रदर्शन जारी है, और सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन और कानून प्रवर्तन एजेंसियां इस मामले में कितनी जल्दी और प्रभावी कार्रवाई करती हैं।

















