मांडर और बेड़ो में मशरूम उत्पादन एवं मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न, महिलाओं को मिले मशरूम बैग और बी-किट
रांची : झारखंड के रांची जिले के मांडर प्रखंड के बिसाहा खटंगा पंचायत और बेड़ो प्रखंड के नेहालू पंचायत में उद्यानिकी विभाग द्वारा पांच दिवसीय मशरूम उत्पादन एवं मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण सह उपादान वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की रहीं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कार्यक्रम में सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों की सैकड़ों महिलाओं को मशरूम उत्पादन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, वहीं पुरुष एवं महिला दोनों वर्गों को मधुमक्खी पालन की बारीकियां सिखाई गईं। प्रशिक्षण पूरा होने पर सभी प्रशिक्षित महिलाओं को प्रमाण-पत्र के साथ 30-30 मशरूम बैग वितरित किए गए, जबकि मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण प्राप्त लाभार्थियों को पूरी मधुमक्खी पालन किट प्रदान की गई।
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि राज्य की हर महिला आर्थिक रूप से स्वावलंबी बने। अपने गांव, अपनी जमीन और अपने परिवार के बीच ही रोजगार मिले तो पलायन की नौबत नहीं आएगी।” उन्होंने हजारीबाग की महिलाओं द्वारा मशरूम उत्पादन में मिली सफलता का उदाहरण देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में मांडर क्षेत्र की महिलाएं भी लाखों रुपए कमा सकती हैं और बिसाहा खटंगा पंचायत मशरूम हब के रूप में पहचान बना सकती है।
मंत्री ने बताया कि अब योजनाएं पूरे राज्य में बिखेरने के बजाय क्लस्टर आधारित तरीके से लागू की जा रही हैं, जिससे बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। झारखंड के जंगल, पहाड़ और प्राकृतिक वातावरण मधुमक्खी पालन के लिए अत्यंत अनुकूल हैं, इसलिए विभाग इसे बड़े स्तर पर बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मशरूम उत्पादन में अच्छा प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को एक्सपोजर विजिट और उन्नत प्रशिक्षण दिलाया जाए।
महिलाओं से संबोधन में मंत्री ने कहा, “कड़ी मेहनत और मजबूत इच्छाशक्ति से आप अपना सुनहरा भविष्य खुद गढ़ सकती हैं। रास्ते में गिरना-संभलना स्वाभाविक है, लेकिन जो बिना रुके आगे बढ़ता है, अंत में जीत उसी की होती है।”
कार्यक्रम में संयुक्त कृषि निदेशक शशि भूषण अग्रवाल, बीडीओ चंचला कुमारी, जिला उद्यान पदाधिकारी महेश राम, रमाशंकर, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष मांगा उरांव, जमील मलिक, रविन्द्र नाथ, मुखिया स्नेहा एक्का, बेरनादत्ता, मुखिया बीरेंद्र भगत, आशा रानी पन्ना, करमा उरांव, नवल किशोर सिंह, शंभू, पंचू मिंज, जगन्नाथ लोहारा, पवन कुमार, सोमरा लोहरा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष उपस्थित रहे।

















