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PESA नियमावली 2026 को लेकर जागरूकता अभियान, भारत आदिवासी पार्टी ने ग्रामीणों को दिए अधिकारों से कराया रूबरू ल

शंभू कुमार सिंह 

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सिमडेगा : केरसई प्रखंड के अंतर्गत टैसेर पारंपरिक ग्राम सभा में पारंपरिक ग्राम सभा अध्यक्ष सेरर्यकुश टोप्पो की अध्यक्षता में भारत आदिवासी पार्टी (BAP) द्वारा झारखंड PESA नियमावली 2026 को लेकर एक व्यापक जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पारंपरिक ग्राम सभा के पदाधिकारी, बुजुर्ग, महिलाएं, पुरुष और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।

अभियान के दौरान ग्रामीणों को PESA नियमावली के प्रमुख प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेष रूप से पारंपरिक ग्राम सभा के संवैधानिक अधिकारों, स्वशासन व्यवस्था तथा जल-जंगल-जमीन पर पारंपरिक अधिकारों के संरक्षण पर जोर दिया गया। साथ ही प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन, स्थानीय प्रशासनिक निर्णयों में ग्राम सभा की महत्वपूर्ण भूमिका, विकास योजनाओं की स्वीकृति, भूमि अधिग्रहण एवं पुनर्वास से पूर्व अनिवार्य परामर्श, लघु वनोपज पर स्वामित्व एवं प्रबंधन, जल स्रोतों के संरक्षण, स्थानीय बाजार एवं मद्य नियंत्रण तथा पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं सामाजिक न्याय के संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण अधिकारों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में भारत आदिवासी पार्टी के जिलाध्यक्ष अमृत चिराग तिर्की और महासचिव अलेक्स जॉनसन केरकेट्टा मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

जिलाध्यक्ष अमृत चिराग तिर्की ने अपने संबोधन में झारखंड PESA नियमावली 2026 की विभिन्न धाराओं का जिक्र करते हुए कहा कि इस नियमावली से पारंपरिक ग्राम सभाओं को मजबूत अधिकार मिले हैं। उन्होंने बताया कि जिले के लगभग 451 गांवों में पार्टी द्वारा ऐसे जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, ताकि ग्रामीण PESA कानून के तहत प्राप्त सभी शक्तियों और अधिकारों से अवगत होकर सशक्त बन सकें।

महासचिव अलेक्स जॉनसन केरकेट्टा ने कहा कि PESA कानून पारंपरिक ग्राम सभा आधारित स्वशासन की आत्मा है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से जल-जंगल-जमीन तथा स्थानीय संस्कृति की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। उन्होंने ग्रामीणों से पारंपरिक ग्राम सभा को मजबूत करने और विकास योजनाओं में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

कार्यक्रम शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। भारत आदिवासी पार्टी ने भविष्य में भी विभिन्न पारंपरिक ग्राम सभाओं में इसी तरह के जागरूकता अभियान चलाने की प्रतिबद्धता जताई।

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