10 वर्षीय ऋषि राज ने तमिलनाडु में 'बिलो 1601' वर्ग में जीता चैंपियनशिप खिताब, झारखंड का नाम रौशन किया

10 वर्षीय ऋषि राज ने तमिलनाडु में ‘बिलो 1601’ वर्ग में जीता चैंपियनशिप खिताब, झारखंड का नाम रौशन किया

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झारखंड की उभरती खेल प्रतिभाओं में एक और सुनहरा अध्याय जुड़ गया है। रांची के चुटिया निवासी 10 वर्षीय प्रतिभाशाली शतरंज खिलाड़ी ऋषि राज ने तमिलनाडु के धर्मपुरी में आयोजित सेकंड डीएनसी मेमोरियल फिडे रेटिंग (बिलो 1700) शतरंज प्रतियोगिता’ में शानदार प्रदर्शन करते हुए ‘बिलो 1601’ वर्ग (कैटेगरी-12) में चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया।

इस प्रतियोगिता में ऋषि राज ने अपनी असाधारण मानसिक एकाग्रता, रणनीति और कौशल का लाजवाब प्रदर्शन किया। 20 से 22 फरवरी 2026 तक चले इस 9 राउंड की FIDE रेटेड टूर्नामेंट में उन्होंने कुल 9 में से 7.5 अंक हासिल कर टॉप पर रहते हुए खिताब जीता। इस जीत के साथ उन्हें ट्रॉफी के अलावा 20,000 रुपये की पुरस्कार राशि भी प्राप्त हुई।

AJCA, RDCA और CCL का सराहनीय योगदान

ऋषि राज की इस सफलता के पीछे ऑल झारखंड चेस एसोसिएशन (AJCA) और राँची डिस्ट्रिक्ट चेस एसोसिएशन (RDCA) की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए AJCA की सिफारिश पर सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) ने अपने CSR फंड से वित्तीय सहायता प्रदान करने की मंजूरी दी है। यह सहायता ऋषि को आने वाले समय में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी में मजबूत आधार प्रदान करेगी।

परिवार का गर्व और आभार

इस उपलब्धि पर ऋषि के माता-पिता ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने AJCA के अध्यक्ष श्री प्रदीप वर्मा, सचिव श्री मनीष कुमार, RDCA के सचिव श्री नवजोत सिंह अलंग, CCL प्रबंधन तथा हॉटसन चेस अकादमी के प्रशिक्षकों का विशेष आभार व्यक्त किया है, जिनके मार्गदर्शन ने इस सफलता को संभव बनाया।

रांची में शतरंज की बढ़ती लोकप्रियता

राँची डिस्ट्रिक्ट चेस एसोसिएशन द्वारा हर साल राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय बच्चे बड़े खिलाड़ियों से सीखने का मौका पा रहे हैं। ऐसे प्रयास झारखंड के युवा शतरंज प्रतिभाओं के लिए मजबूत नींव तैयार कर रहे हैं और राज्य को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पटल पर नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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