सिमडेगा में ई-कार्ट कूरियर की खराब सेवा से ऑनलाइन शॉपिंग ग्राहकों का मोह भंग
शंभू कुमार सिंह
सिमडेगा : ऑनलाइन मार्केटिंग की चकाचौंध में लिपटे ग्राहकों के सपनों पर सिमडेगा की ई-कार्ट कूरियर एजेंसी पानी फेर रही है। खराब डिलीवरी सिस्टम, स्टाफ की कमी और अव्यवस्था के कारण मीशो, फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों से ऑर्डर किए सामान समय पर नहीं पहुंच रहे, जिससे ग्राहकों में निराशा और ठगी का अहसास हो रहा है।
शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी मोबाइल यूजर्स और युवाओं का रुझान ऑनलाइन शॉपिंग की ओर तेजी से बढ़ा है। सस्ते और आकर्षक ऑफर्स के लालच में लोग घर बैठे सामान मंगवाते हैं, लेकिन सिमडेगा में ई-कार्ट कूरियर की लेटलतीफी ने इस विश्वास को तोड़ दिया है।
ताजा मामला प्रवीण कुमार का है। उन्होंने मीशो से प्रीपेड ऑर्डर किया था, जो ट्रैकिंग के अनुसार तीन-चार दिन पहले सिमडेगा पहुंच चुका था। लेकिन डिलीवरी नहीं हुई। मंगलवार को वे खुद ई-कार्ट कार्यालय पहुंचे, जहां काफी मशक्कत के बाद उनका सामान मिला। ब्रांच इंचार्ज रामधनी गोप ने पहले तो सामान नहीं आने या वापस लौट जाने की बात कही, लेकिन बाद में सामान सौंप दिया।
कार्यालय और गोदाम में ऑनलाइन सामान बेतरतीब ढंग से पड़े रहते हैं। नए आने वाले पार्सल भी इसी तरह रख दिए जाते हैं। इंचार्ज रामधनी गोप ने स्टाफ और कूरियर बॉय की कमी का हवाला देते हुए कहा कि जगह की कमी के कारण ऐसा हो रहा है। वे सेवा को नियमित करने का प्रयास कर रहे हैं। गढ़वा से आए व्यवस्था सुधारक बृजेश कुशवाहा ने भी स्टाफ कमी की बात स्वीकारी और पुणे से अतिरिक्त स्टाफ भेजे जाने की जानकारी दी।
ऐसे कई ग्राहक खुद कार्यालय आकर सामान ले जा रहे हैं। दीपक कुमार ने बताया कि मीशो से मंगवाया सामान समय पर नहीं मिला और ट्रैकिंग के झंझटों में समय नहीं निकाल पाने से उनका ऑर्डर कैंसिल हो गया, पैसा भी वापस नहीं मिला। शिवम कुमार की शिकायत है कि छोटा साइज आने पर जींस वापस किया, लेकिन कूरियर बॉय ले जाने के चार दिन बाद भी रिफंड नहीं आया।
कुल मिलाकर, ऑनलाइन जानकारी की कमी और कूरियर एजेंसी की लापरवाही से ग्राहक सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। प्रमुख त्योहारों के मौसम में भी युवाओं को मंगवाए कपड़े और अन्य सामान समय पर मिल पाना मुश्किल लग रहा है। इससे मीशो, मिंत्रा, फ्लिपकार्ट जैसी प्लेटफॉर्म्स पर लोगों का भरोसा डगमगा रहा है।

















