ममता बनर्जी का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ व्यवहार शर्मनाक: बाबूलाल मरांडी की कड़ी निंदा
रांची : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ किए गए व्यवहार की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे “अत्यंत निंदनीय और शर्मनाक” करार देते हुए कहा कि यह न केवल देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान है, बल्कि संथाल आदिवासी समाज की भावनाओं को भी आहत करने वाला कृत्य है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!दार्जिलिंग में आयोजित 9वें अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, जो स्वयं संथाल आदिवासी समाज की बेटी हैं, के साथ पश्चिम बंगाल सरकार के रवैये पर गहरा रोष जताते हुए श्री मरांडी ने कहा, “महामहिम राष्ट्रपति के चेहरे पर झलकती पीड़ा और असहजता पूरे देश ने देखी और महसूस की। यह प्रोटोकॉल का स्पष्ट उल्लंघन है और आदिवासी समाज के प्रति असम्मान का प्रतीक है।”
उन्होंने आगे कहा, “राजनीति अपनी जगह है, लेकिन राष्ट्र के सर्वोच्च पद और संवैधानिक गरिमा का सम्मान हर राज्य सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ममता दीदी से अपेक्षा थी कि वे लोकतांत्रिक मर्यादाओं और शिष्टाचार का पालन सुनिश्चित करेंगी, लेकिन सत्ता के अहंकार में उन्होंने राष्ट्रपति पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई और संथाल समाज को अपमानित किया।”
बाबूलाल मरांडी ने इस घटना को आदिवासी समुदाय के लिए दुखद बताते हुए कहा कि राष्ट्रपति के शब्दों में व्यक्त पीड़ा ने पूरे देश को झकझोर दिया है। उन्होंने TMC सरकार से मांग की कि ऐसे व्यवहार के लिए माफी मांगी जाए और भविष्य में संवैधानिक पदों के प्रति उचित सम्मान सुनिश्चित किया जाए।

















