राहुल गांधी को चाईबासा कोर्ट से सशर्त जमानत, ट्रायल में सहयोग की दी हिदायत
चाईबासा : कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को झारखंड के चाईबासा में एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट ने एक मानहानि मामले में सशर्त जमानत दे दी है। यह मामला 2018 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से संबंधित है। कोर्ट ने राहुल गांधी को ट्रायल के दौरान पूर्ण सहयोग करने की हिदायत दी है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!यह मामला 28 मार्च 2018 को कांग्रेस अधिवेशन के दौरान राहुल गांधी द्वारा तत्कालीन बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर की गई टिप्पणी से जुड़ा है। शिकायतकर्ता, बीजेपी नेता प्रताप कटिहार ने 9 जुलाई 2018 को चाईबासा सीजेएम कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत के अनुसार, राहुल गांधी ने कहा था कि “कांग्रेस में कोई हत्यारा राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बन सकता, यह केवल बीजेपी में संभव है।” इस बयान को अपमानजनक बताते हुए केस दर्ज किया गया था।
राहुल गांधी ने पहले इस मामले में कोर्ट में हाजिरी से छूट के लिए झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन मार्च 2024 में उनकी याचिका खारिज होने के बाद चाईबासा कोर्ट ने उन्हें 6 अगस्त को सशरीर पेश होने का आदेश दिया था। आज कोर्ट में पेश होने के बाद, राहुल गांधी को सशर्त जमानत दी गई, जिसमें उन्हें ट्रायल प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने और कोर्ट के निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया गया।
राहुल गांधी आज सुबह रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से कड़े सुरक्षा घेरे में चाईबासा पहुंचे। उनकी पेशी सुबह 10:30 से 11:00 बजे के बीच निर्धारित थी। जिला प्रशासन और पुलिस ने कोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। कांग्रेस के स्थानीय नेता और कार्यकर्ता भी कोर्ट परिसर के आसपास बड़ी संख्या में मौजूद थे।
















