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साहिबगंज में मुख्यमंत्री जन-वन योजना पर जोर: जंगल की आग से बचाव के लिए ग्रामीणों से जन-सहभागिता का आह्वान

साहिबगंज : वन क्षेत्र कार्यालय, तालझारी में मुख्यमंत्री जन-वन योजना एवं वन अग्नि सुरक्षा के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रबल गर्ग ने की, जिसमें क्षेत्र के सभी ग्राम प्रधानों एवं ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी की।

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बैठक में जंगलों में लगने वाली आग के दुष्प्रभावों पर गहन चर्चा हुई। वन संरक्षण के लिए जन-सहभागिता को और मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया। डीएफओ प्रबल गर्ग ने उपस्थित लोगों से अपील की कि जंगल में आग लगने की किसी भी घटना की सूचना तुरंत वन विभाग को दें, ताकि समय रहते आग पर नियंत्रण किया जा सके। उन्होंने मुख्यमंत्री जन-वन योजना को जन-भागीदारी पर आधारित एक क्रांतिकारी पहल बताते हुए इसे सफल बनाने का आह्वान किया।

यह योजना झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य निजी भूमि पर वृक्षारोपण को प्रोत्साहन देकर हरित क्षेत्र बढ़ाना, किसानों की आय में वृद्धि करना, भू-जल संरक्षण करना और अधिसूचित वनों पर दबाव कम करना है। योजना के तहत सरकार पौधे नि:शुल्क उपलब्ध कराती है और लागत का बड़ा हिस्सा (75% तक) वहन करती है।

बैठक को संबोधित करते हुए राजमहल अनुमंडल पदाधिकारी सदानंद महतो ने ग्राम प्रधानों की सामाजिक भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “वन क्षेत्र की निगरानी और ग्रामीणों को जागरूक करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। वन संरक्षण एवं संवर्धन सभी की साझा जिम्मेदारी है।”

वन क्षेत्र पदाधिकारी पंचम दुबे ने वन अग्नि से बचाव की प्राथमिक प्रक्रियाओं और आग बुझाने की तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। पर्यावरण प्रेमी सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने गीत एवं कविताओं के माध्यम से उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित किया।

कार्यक्रम में वन बचाओ समिति के निदेशक दशरथ ठाकुर, वनपाल राणा रंजीत, वनरक्षी पप्पू यादव, अखलेश मरांडी, सुनील कुमार, अंकित झा सहित सभी ग्राम प्रधान एवं ग्रामीण विशेष रूप से उपस्थित रहे।

बैठक के अंत में वन संरक्षण, अग्नि सुरक्षा तथा सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सामूहिक प्रयास का संकल्प लिया गया। यह बैठक जिले में वन संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक कदम साबित हुई है।

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