प्रधानमंत्री मोदी के असम दौरे का दूसरा दिन: छात्रों से संवाद, शहीदों को श्रद्धांजलि और प्रमुख उर्वरक परियोजना की आधारशिला
गुवाहाटी/नामरूप : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय असम दौरे का आज दूसरा दिन है। इस दौरान वे पूर्वोत्तर के विकास को नई गति देने वाली कई महत्वपूर्ण गतिविधियों में हिस्सा लेंगे। यात्रा का फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्मृति और कृषि-औद्योगिक विकास पर रहा है, जो केंद्र सरकार की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और क्षेत्रीय संतुलित विकास की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ब्रह्मपुत्र पर अनोखा ‘परीक्षा पे चर्चा’
दिन की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रह्मपुत्र नदी पर लग्जरी क्रूज शिप ‘एमवी चराइदेव-2’ पर की। यहां उन्होंने विभिन्न स्कूलों के 25 मेधावी छात्रों से लगभग आधे घंटे तक ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में संवाद किया। यह अनोखा आयोजन नदी पर चलते जहाज पर हुआ, जिसमें छात्रों ने परीक्षा तनाव, करियर और जीवन मूल्यों पर सवाल पूछे। यह कार्यक्रम छात्रों में आत्मविश्वास जगाने और परीक्षा को उत्सव बनाने की प्रधानमंत्री की मुहिम का हिस्सा है।
शहीद स्मारक क्षेत्र में श्रद्धांजलि
इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी गुवाहाटी के पश्चिम बोरागांव स्थित नवनिर्मित ‘स्वाहिद स्मारक क्षेत्र’ पहुंचे। यहां उन्होंने 1979-1985 के असम आंदोलन के दौरान शहीद हुए 860 शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस स्मारक में पहले शहीद खर्गेश्वर तालुकदार की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। यह स्मारक असम की पहचान और विदेशी घुसपैठ के खिलाफ संघर्ष की याद को जीवंत रखता है।
नामरूप में यूरिया उत्पादन सुविधा की आधारशिला
दिन के प्रमुख कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री मोदी डिब्रूगढ़ जिले के नाहरकटिया स्थित नामरूप फर्टिलाइजर प्लांट पहुंचे। यहां उन्होंने ब्रह्मपुत्र वैली फर्टिलाइजर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीवीएफसीएल) के मौजूदा परिसर में नई ब्राउनफील्ड अमोनिया-यूरिया परियोजना की आधारशिला रखी। यह परियोजना करीब 10,600 करोड़ रुपये की लागत वाली है और पूर्वोत्तर में दशकों की सबसे बड़ी उर्वरक इंफ्रास्ट्रक्चर पहल मानी जा रही है।
नई इकाई सालाना 12.7 लाख मीट्रिक टन यूरिया उत्पादन करेगी, जिससे क्षेत्र के किसानों की उर्वरक जरूरत पूरी होगी, आयात पर निर्भरता कम होगी और रोजगार सृजन होगा। प्रधानमंत्री ने प्रोजेक्ट साइट पर एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने परियोजना के रणनीतिक महत्व पर जोर दिया। उन्होंने उत्तर-पूर्व में औद्योगिक एवं कृषि विकास को तेज करने और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में केंद्र के फोकस को दोहराया।
कल शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी गुवाहाटी पहुंचे थे। उन्होंने लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की नई टर्मिनल बिल्डिंग का उद्घाटन किया, जो असम की हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी। साथ ही असम के प्रथम मुख्यमंत्री गोपीनाथ बोरदोलोई की 80 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया और जनसभा को संबोधित किया।
प्रधानमंत्री की यह यात्रा असम को ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का प्रमुख केंद्र बनाने और इंफ्रास्ट्रक्चर के नेतृत्व वाली विकास रणनीति को मजबूत करने का प्रतीक है। क्षेत्र में निवेश और कनेक्टिविटी से आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
















