दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण: हेमंत सोरेन बोले – “वे भारत रत्न थे, हैं और सदैव रहेंगे”
झारखंड के ‘दिशोम गुरु’ और आदिवासी अस्मिता के प्रतीक स्वर्गीय शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान से नवाजा गया है। गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार द्वारा घोषित पद्म पुरस्कारों की सूची में उनका नाम शामिल होने पर झारखंड में खुशी की लहर दौड़ गई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए केंद्र सरकार को हार्दिक धन्यवाद दिया। उन्होंने लिखा: “हम सबके प्रिय, सम्माननीय और आदरणीय बाबा स्व दिशोम गुरुजी शिबू सोरेन जी को पद्म भूषण सम्मान से घोषणा के लिए, झारखंड की समस्त जनता की ओर से मैं केंद्र सरकार को हार्दिक आभार और धन्यवाद देता हूं।”
सीएम हेमंत सोरेन ने आगे कहा कि स्व दिशोम गुरुजी का जीवन राजनीतिक सीमाओं से कहीं परे, अनंत तक जाता है। उनका संपूर्ण जीवन समता, समावेशी विकास, सामाजिक न्याय, आदिवासी पहचान, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण तथा शोषित-वंचित वर्गों के हक और अधिकारों के लिए किए गए विराट संघर्ष का साक्षी रहा है।
उन्होंने लिखा: “यह वही संघर्ष था, जिसने दशकों की सामाजिक और राजनीतिक लड़ाई के बाद झारखंड को उसका अपना राज्य दिलाया और झारखंडवासियों को झारखंडी होने का गर्व। झारखंड की जनता के हृदय और विचारों में, और लद्दाख से केरल तक, राजस्थान से असम तक देश के आदिवासी समाज के बीच, भारत मां के सच्चे सपूत, स्व बाबा दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी भारत रत्न थे, हैं और सदैव रहेंगे।”

















