3 वर्षों बाद घर लौटा लापता युवक, सिमडेगा पुलिस की मानवीय पहल सराहनीय
शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा : सिमडेगा पुलिस ने एक सराहनीय और मानवीय पहल करते हुए लगभग तीन वर्षों से लापता मानसिक रूप से कमजोर युवक को उसके परिजनों से मिलाकर मानवता की मिसाल पेश की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ठेठईटांगर थाना क्षेत्र के गुड़गुड़टोली निवासी सिबरिया किरकेट्टा ने तीन वर्ष पूर्व अपने इकलौते भाई भालेन केरकेट्टा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिजनों के मुताबिक, भालेन मानसिक रूप से कमजोर थे और रांची स्थित Central Institute of Psychiatry (CIP) से इलाज कराकर घर लौटने के दौरान रास्ते में कहीं भटक गए थे।
गुमशुदगी के बाद परिजनों और पुलिस द्वारा काफी खोजबीन की गई, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया। हाल ही में मामले की पुनः समीक्षा करते हुए सिमडेगा पुलिस ने आसपास के जिलों के विभिन्न आश्रय गृहों से संपर्क साधा।
जांच के दौरान पता चला कि भालेन केरकेट्टा पश्चिम बंगाल के पुरूलिया स्थित Apna Ghar Ashram में रह रहे हैं। इसके बाद सिमडेगा पुलिस की टीम ने पहल करते हुए उन्हें वहां से लाकर सुरक्षित रूप से उनके परिजनों को सौंप दिया।
करीब तीन वर्षों बाद अपने बेटे को वापस पाकर परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। परिजनों ने सिमडेगा पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन पुलिस की मेहनत से उनका परिवार फिर से पूरा हो सका।

















