सिमडेगा के शांति भवन अस्पताल में अवैध अल्ट्रासाउंड संचालन पर सिविल सर्जन की सख्त कार्रवाई: मशीन सील, जांच टीम गठित
शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा : सिमडेगा जिले के बीरू स्थित शांति भवन मेडिकल सेंटर में पिछले तीन वर्षों से लाइसेंस निरस्त होने के बावजूद अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड मशीन चलाए जाने का मामला सामने आने के बाद सिविल सर्जन डॉ. सुंदर मोहन सामल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मशीन को सील कर दिया है।
मीडिया और सामाजिक संगठनों में इस अस्पताल की अनियमितताओं को लेकर उठे सवालों के बाद इंटक नेता दिलीप तिर्की ने सिविल सर्जन से जांच की मांग की थी। उन्होंने कर्मचारियों के लंबित वेतन, सेवा भाव से भटकने और अन्य अनियमितताओं का भी जिक्र करते हुए कहा था कि जरूरत पड़ने पर अदालत का रुख भी किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, सिविल सर्जन ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि अल्ट्रासाउंड मशीन का लाइसेंस विशेषज्ञ चिकित्सक (रेडियोलॉजिस्ट) की अनुपस्थिति में तीन वर्ष पहले ही निरस्त हो चुका है, लेकिन मशीन के डेटा से स्पष्ट हुआ कि इसे चोरी-छिपे संचालित किया जा रहा था। बैगर चिकित्सक और टेक्नीशियन के बिना मशीन चलाने के प्रमाण मिले।
इस पर सिविल सर्जन डॉ. सुंदर मोहन सामल ने अस्पताल प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा और अल्ट्रासाउंड मशीन को तत्काल सील कर दिया। उन्होंने कहा, “शांति भवन मेडिकल सेंटर में योग्य चिकित्सक के अभाव में अल्ट्रासाउंड संचालन किया जा रहा था। मशीन के डेटा से अवैध उपयोग सिद्ध हुआ है। हमने मशीन सील की है और अन्य अनियमितताओं की जांच के लिए एक टीम गठित की जा रही है, जिसकी रिपोर्ट जल्द तैयार होगी।”
यह कार्रवाई पीएनडीटी एक्ट (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques Act) के उल्लंघन को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, क्योंकि लाइसेंस के बिना अल्ट्रासाउंड का उपयोग गंभीर कानूनी उल्लंघन है।
















