सिमडेगा में बाल श्रम पर सख्ती: छापेमारी अभियान में कोई बाल श्रमिक नहीं मिला, प्रशासन ने की सराहना
शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा : जिले में बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन को लेकर प्रशासन की मुहिम तेज हो गई है। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार और श्रम अधीक्षक कार्यालय की संयुक्त टीम ने शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में विशेष छापेमारी अभियान चलाया। टीम ने सदर प्रखंड के बीरू, अरानी तथा शहर के प्रिंस चौक सहित विभिन्न इलाकों में दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया।
इस दौरान टीम ने श्रम कानूनों के पालन, कामगारों की आयु, कार्यस्थल की स्थिति और नियोजन प्रक्रिया की गहन जांच की। सुखद बात यह रही कि जांच के दौरान किसी भी प्रतिष्ठान में बाल या किशोर श्रमिक नहीं पाया गया। अधिकारियों ने इसे जिले में चल रहे जागरूकता कार्यक्रमों और निरंतर प्रशासनिक निगरानी का सकारात्मक परिणाम करार दिया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव मरियम हेमरोम ने कहा, “बाल श्रम उन्मूलन समाज की साझा जिम्मेदारी है। बच्चों का भविष्य केवल शिक्षा और सुरक्षित माहौल में ही संवार सकता है, इसलिए उन्हें किसी भी प्रकार के श्रम से दूर रखना अनिवार्य है।” उन्होंने बताया कि जिले में लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से लोगों को बाल श्रम निषेध से संबंधित कानूनों की जानकारी दी जा रही है।
उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कहीं भी बाल श्रम पाया जाता है, तो संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अभियान में श्रम अधीक्षक ओम प्रकाश सिंह, चीफ एलएडीसीएस प्रभात कुमार श्रीवास्तव, डिप्टी एलएडीसीएस ब्रीखभान अग्रवाल, असिस्टेंट एलएडीसीएस सुकोमल, सुनीता कुल्लू, पीएलवी सुरजीत प्रसाद, दीपक कुमार, अजीत केरकेट्टा और रोशन कुल्लू सहित अन्य कर्मी शामिल थे।
निरीक्षण के दौरान टीम ने प्रतिष्ठान संचालकों को श्रम कानूनों का पूर्ण पालन करने, बच्चों को काम पर न रखने और किसी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना प्रशासन को देने की सलाह दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाल श्रम के खिलाफ ऐसे अभियान भविष्य में भी नियमित रूप से जारी रहेंगे।

















