20260112 205228

स्वामी विवेकानन्द जयंती: युवा चेतना और राष्ट्रीय जागरण के प्रतीक : प्राचार्य मिनहाज राजन

शंभू कुमार सिंह 

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

सिमडेगा जिले के सलडेगा में स्थित श्रीहरि वनवासी विकास समिति झारखण्ड द्वारा संचालित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, सलडेगा में स्वामी विवेकानन्द जयंती बड़ी ही श्रद्धा, अनुशासन और उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाई गई। यह आयोजन वनवासी कल्याण केंद्र झारखण्ड की शैक्षिक इकाई के अंतर्गत हुआ, जहां पूरे विद्यालय परिसर में आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी माहौल छा गया।

कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानन्द के चित्र पर पुष्पार्चन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर विद्यालय के आचार्य-आचार्याओं ने स्वामी विवेकानन्द के जीवन प्रसंगों, उनके गहन विचारों तथा राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।

वक्ताओं ने विशेष रूप से जोर दिया कि स्वामी विवेकानन्द युवा चेतना के निर्माण के साथ-साथ राष्ट्रीय जागरण के सच्चे साधक रहे हैं। उन्होंने युवाओं को आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता, राष्ट्रभक्ति, चरित्र निर्माण तथा सेवा भाव का संदेश दिया। विशेष आह्वान किया गया कि विद्यार्थी स्वामीजी के प्रेरक वचन “उठो, जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक मत रुको” को अपने जीवन में आत्मसात करें। इतिहास में स्वामी विवेकानन्द का योगदान स्वर्ण अक्षरों में अंकित है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के सभी भैया-बहनों (छात्र-छात्राओं) ने स्वामी विवेकानन्द के आदर्शों को अपनाने, समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य निभाने तथा सदैव सकारात्मक सोच।के साथ आगे बढ़ने का दृढ़ संकल्प लिया। सभी छात्र अनुशासित एवं श्रद्धाभाव से कार्यक्रम में पूर्ण रूप से सहभागी रहे।

विद्यालय परिवार के समस्त आचार्य-आचार्या एवं भैया-बहनों की गरिमामयी उपस्थिति से यह आयोजन अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायी सिद्ध हुआ। इस कार्यक्रम ने बच्चों में नैतिक मूल्यों, राष्ट्रप्रेम।तथा।आत्मविकास की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।

Share via
Share via