झारखंड ऊर्जा विकास निगम में दो महीने से CMD और MD के पद खाली, श्रमिक संघ ने सरकार पर खड़े किए गंभीर सवाल
रांची : झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (JUVNL) पिछले करीब दो महीनों से चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) और मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) जैसे सबसे अहम पदों के बिना चल रहा है। इस नेतृत्व संकट के कारण निगम का पूरा कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, जिससे राज्य की बिजली व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने इस स्थिति पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि जब सरकार की प्राथमिकता सूची में शामिल आवश्यक सेवा (बिजली) का यह हाल है, तो बाकी विभागों की स्थिति का अंदाजा खुद-ब-खुद लगाया जा सकता है।
अजय राय ने कहा, “ऊर्जा विकास निगम झारखंड की बिजली व्यवस्था का रीढ़ है। बिना शीर्ष नेतृत्व के योजनाओं की समीक्षा, नीतिगत निर्णय, वित्तीय अनुशासन, कर्मचारी मामलों का निपटारा और बड़े प्रोजेक्ट्स की मॉनिटरिंग सब ठप पड़ी है।”
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि ऊर्जा विभाग का पूरा प्रभार खुद माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के पास है। ऐसे में शीर्ष पदों का दो महीने तक खाली रहना बेहद गंभीर और सोचनीय है। श्री राय ने सवाल उठाया, “जब विभाग मुख्यमंत्री के पास है, फिर भी CMD और MD की नियुक्ति में इतनी देरी क्यों? इसके पीछे आखिर वजह क्या है?”
वर्तमान में निगम में कई अहम तकनीकी, प्रशासनिक और वित्तीय फैसले लंबित हैं। बिजली वितरण नेटवर्क को मजबूत करने, उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निपटारा, राजस्व वसूली में सुधार और नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की गति बढ़ाने जैसे काम बिना स्थायी नेतृत्व के संभव नहीं हो पा रहे।
श्रमिक संघ ने चेतावनी दी है कि इस नेतृत्व की कमी से कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा है और उपभोक्ताओं में भी भारी असंतोष बढ़ रहा है। अगर जल्द ही स्थायी CMD और MD की नियुक्ति नहीं हुई तो राज्य की पूरी ऊर्जा व्यवस्था पर इसका व्यापक नकारात्मक असर पड़ेगा।
अजय राय ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा, “आवश्यक सेवा के इस महत्वपूर्ण निगम में शीर्ष पदों को अविलंब भरा जाए, ताकि कामकाज फिर से पटरी पर आ सके और आम लोगों को निर्बाध बिजली सेवा मिल सके।”

















