नीले ड्रम की कहानी मेरठ से राजस्थान पहुँची : अब राजस्थान में नीले ड्रम में मिला युवक का शव, परिवार और मकान मालिक का बेटा फरार
नीले ड्रम की कहानी मेरठ से राजस्थान पहुँची : अब राजस्थान में नीले ड्रम में मिला युवक का शव, परिवार और मकान मालिक का बेटा फरार
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़बास क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है, जो उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुए कुख्यात नीले ड्रम हत्याकांड की याद दिलाता है। किशनगढ़बास की आदर्श कॉलोनी में एक किराए के मकान की छत पर रखे नीले ड्रम से तेज दुर्गंध उठने की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच की, तो उसमें एक युवक का शव बरामद हुआ। शव के ऊपर नमक डाला गया था, जिससे प्रथम दृष्टया यह हत्या का मामला प्रतीत होता है। इस घटना के बाद मृतक का परिवार और मकान मालिक का बेटा फरार बताया जा रहा है, जिसने मामले को और रहस्यमय बना दिया है।
घटना का खुलासा: दुर्गंध ने खोला राज
पुलिस के अनुसार, यह घटना किशनगढ़बास के आदर्श कॉलोनी में राजेश शर्मा के मकान में हुई। मकान की छत पर एक कमरे में रखे नीले ड्रम से तेज बदबू आने की शिकायत स्थानीय लोगों ने की। मकान मालिक की मां मिथलेश ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही किशनगढ़बास डीएसपी राजेंद्र सिंह निर्वाण, थाना अधिकारी जितेंद्र सिंह शेखावत, एएसआई ज्ञानचंद और पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची। ड्रम की जांच करने पर उसमें एक युवक का शव मिला, जिसके गले पर धारदार हथियार के निशान थे। शव की पहचान हंसराज उर्फ सूरज (उम्र लगभग 35 वर्ष) के रूप में हुई, जो उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले का निवासी था।
मृतक की पृष्ठभूमि: मजदूरी करता था हंसराज
पुलिस जांच में पता चला कि हंसराज अपनी पत्नी सुनीता और तीन बच्चों—बड़े बेटे हर्षल, बेटी नंदिनी और सबसे छोटे बेटे गोलू—के साथ डेढ़ महीने पहले किशनगढ़बास में किराए पर रहने आया था। वह स्थानीय ईंट भट्टे पर मजदूरी का काम करता था। परिवार राजेश शर्मा के मकान में किराए पर रह रहा था। डीएसपी राजेंद्र सिंह निर्वाण ने बताया कि हंसराज का शव ड्रम में बंद था और उस पर नमक डाला गया था, जिससे सड़न की प्रक्रिया तेज हो और बदबू कम फैले। यह हत्या का सुनियोजित मामला प्रतीत होता है।
फरार संदिग्ध: परिवार और मकान मालिक का बेटा गायब
घटना के बाद से हंसराज की पत्नी सुनीता, उनके तीनों बच्चे और मकान मालिक राजेश शर्मा का बेटा जितेंद्र लापता हैं। पुलिस को संदेह है कि इन लोगों का इस हत्याकांड से कोई न कोई संबंध हो सकता है। मकान मालिक के बेटे जितेंद्र की फरारी ने भी कई सवाल खड़े किए हैं। क्या यह हत्या व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा थी? या फिर इसके पीछे कोई गहरी साजिश थी? पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस की कार्रवाई: जांच में तेजी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की। शव को किशनगढ़बास के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य इकट्ठा किए हैं। आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है ताकि फरार संदिग्धों का पता लगाया जा सके। डीएसपी राजेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया गया है और पुलिस हत्या के कारणों और संदिग्धों की तलाश में जुटी है।
मेरठ कांड से समानता: साजिश की आशंका
यह मामला उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुए एक चर्चित हत्याकांड से मिलता-जुलता है, जहां एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कर शव को नीले ड्रम में छिपाया था। किशनगढ़बास में भी नीले ड्रम और नमक के इस्तेमाल ने पुलिस की शंका को और गहरा कर दिया है। पुलिस को आशंका है कि हंसराज की हत्या में उसकी पत्नी या मकान मालिक के बेटे का हाथ हो सकता है। हालांकि, अभी तक कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है, और पुलिस सभी संभावनाओं की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।
स्थानीय लोगों में दहशत
इस सनसनीखेज घटना ने किशनगढ़बास के आदर्श कॉलोनी में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय लोग हैरान हैं कि एक साधारण मजदूर के साथ इतनी क्रूरता कैसे हो सकती है।
पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और हर संभव कोण से जांच कर रही है। डीएसपी राजेंद्र सिंह ने कहा, “हम हत्या के कारणों और फरार संदिग्धों की तलाश में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। जल्द ही इस मामले की गुत्थी सुलझा ली जाएगी।” मृतक के परिजनों के आने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिससे हत्या के समय और हथियार के बारे में और जानकारी मिलने की उम्मीद है।

















