अमेरिका ने रूस में समुंद्र में तनाव ,टेलनको लेकर क्या होगा तीसरा विश्वयुद्ध ? रूस के झंडे वाले तेल टैंकर को जब्त किया अमेरिका ने किया जब्त: रूस भड़का
अमेरिका ने रूस में समुंद्र में तनाव ,टेलनको लेकर क्या होगा तीसरा विश्वयुद्ध ? रूस के झंडे वाले तेल टैंकर को जब्त किया अमेरिका ने किया जब्त: रूस भड़का
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डेस्क – क्या तेल के कारण रूस और अमेरिका सीधी भीड़ जाएगा । जी हां ये हम इसलिए कह रहे है की अमेरिकी सेना और कोस्ट गार्ड ने उत्तरी अटलांटिक महासागर में रूसी झंडे वाले एक बड़े तेल टैंकर ‘मैरिनेरा’ को जब्त कर लिया है। यह टैंकर वेनेजुएला से जुड़े कथित प्रतिबंधित तेल व्यापार में शामिल था और वेनेजुएला से तेल लेकर जा रहा था । अमेरिका के मुताबिक यह कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वेनेजुएला पर सख्त नीति का हिस्सा है, जिसमें हाल ही में निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद लागू किया गया है।
घटना के मुख्य तथ्य:
टैंकर ‘मैरिनेरा’ को आइसलैंड और ब्रिटेन के बीच अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में जब्त किया गया।
कई रिपोर्टस के मुताबिक यह जहाज पिछले महीने वेनेजुएला के पास अमेरिकी नाकाबंदी से बचकर निकला था और बाद में रूसी झंडा लगा लिया गया था।
अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने दो हफ्तों से अधिक समय तक इसका पीछा किया। जब्ती के समय जहाज खाली था, लेकिन इसका इतिहास ईरान और वेनेजुएला के प्रतिबंधित तेल ले जाने का है।
उसी दिन अमेरिका ने एक दूसरा टैंकर ‘सोफिया’ (पनामा झंडा) भी कैरिबियन सागर में जब्त किया, जो वेनेजुएला से तेल ले जा रहा था।
जब्ती के दौरान रूसी पनडुब्बी और युद्धपोत नजदीक थे, लेकिन कोई सीधी टक्कर नहीं हुई।
रूस की प्रतिक्रिया:
रूस ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। रूसी परिवहन मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का उल्लंघन बताया और कहा कि किसी भी देश को दूसरे देश के दर्ज जहाज पर बल प्रयोग का अधिकार नहीं है। एक रूसी सांसद ने इसे ‘समुद्री डकैती’ करार दिया। रूस का कहना है कि टैंकर को अस्थायी रूप से रूसी झंडा दिया गया था।
यह घटना वेनेजुएला पर अमेरिकी प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करने की मुहिम का हिस्सा है। ट्रंप प्रशासन ‘शैडो फ्लीट’ (छिपकर तेल ले जाने वाले जहाजों) को लक्ष्य बना रहा है, जो रूस, ईरान और वेनेजुएला के तेल को ले जाते हैं। हाल ही में मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अमेरिका वेनेजुएला के तेल निर्यात को पूरी तरह ब्लॉक करके दबाव बढ़ा रहा है।यह कार्रवाई अमेरिका-रूस संबंधों में नया तनाव पैदा कर सकती है, लेकिन अभी तक कोई बड़ा सैन्य टकराव नहीं हुआ है।

















