राष्ट्रीय कुष्ठ दिवस पर पाकरटांड़ में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित: कुष्ठ भ्रांतियां दूर करने, बाल विवाह रोकने की अपील

राष्ट्रीय कुष्ठ दिवस पर पाकरटांड़ में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित: कुष्ठ भ्रांतियां दूर करने, बाल विवाह रोकने की अपील

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शंभू कुमार सिंह 

सिमडेगा : राष्ट्रीय कुष्ठ दिवस (30 जनवरी) के अवसर पर शुक्रवार को पाकरटांड़ पंचायत भवन सभागार में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सिमडेगा द्वारा एक विशेष विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कानूनी जागरूकता फैलाना, कुष्ठ रोग से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों और छुआछूत को दूर करना तथा बाल विवाह जैसी कुरीतियों के उन्मूलन के लिए लोगों को प्रेरित करना था।

शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यों, उद्देश्यों और निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि समाज के कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्गों को न्याय दिलाने के लिए प्राधिकार सदैव तत्पर है। आमजन इसके माध्यम से मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

कार्यक्रम में बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों पर विशेष प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने बाल विवाह के सामाजिक, शारीरिक और मानसिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की तथा उपस्थित ग्रामीणों से इस कुप्रथा को जड़ से समाप्त करने की अपील की। शिविर के समापन पर सभी प्रतिभागियों को बाल विवाह रोकथाम की शपथ भी दिलाई गई।

इसके अलावा, राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सिमडेगा जिले में 30 जनवरी से 14 फरवरी 2026 तक स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान और 9 मार्च से 23 मार्च 2026 तक कुष्ठ रोगी खोज अभियान चलाया जाएगा। इन अभियानों के दौरान स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्तियों की पहचान करेंगे, ताकि समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके और जिला कुष्ठ मुक्त बनाया जा सके।

शिविर में पारा लीगल वोलेंटियर लालचंद नायक, योगेंद्र पंडा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं और पुरुष उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक समानता और कानूनी अधिकारों पर जोर दिया।

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