डायन बिसाही के शक में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की क्रूर ह-त्या, जांच में जुटी पुलिस
डायन बिसाही के शक में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की क्रूर ह-त्या, जांच में जुटी पुलिस
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गोड्डा : झारखंड के गोड्डा जिले में अंधविश्वास की एक और भयावह मिसाल सामने आई है। देवदांड थाना क्षेत्र के डांगा टोला में डायन बिसाही (witch-hunting) के शक में एक ही परिवार के तीन निर्दोष सदस्यों की धारदार हथियार से नृशंस हत्या कर दी गई। मृतकों में परिवार के मुखिया, उनकी पत्नी और छोटा बेटा शामिल हैं, जिससे पूरे इलाके में सदमा और आक्रोश फैल गया है।
घटना देर रात हुई, लेकिन ग्रामीणों को सुबह अहले-सुबह पता चला। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस को सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई शुरू की गई। गोड्डा के एसडीपीओ अशोक प्रियदर्शी, देवदांड थाना प्रभारी अमित मार्की और पौड़याहाट थाना प्रभारी महावीर पंडित पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतकों की पहचान परिवार के मुखिया दरबारी मुर्मू, उनकी पत्नी मक्कू बास्की और उनका 12 वर्षीय बेटा जीतनारायण मुर्मू के रूप में की गई है। परिवार में उनकी एक विवाहित बेटी सुनीता मुर्मू भी हैं, जो इस घटना से गहरे सदमे में हैं।
एसडीपीओ अशोक प्रियदर्शी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला डायन बिसाही से जुड़ा प्रतीत होता है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम गठित की गई है, जो तेजी से मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई में तीन संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है और उनसे लगातार पूछताछ जारी है। अभी तक कोई आधिकारिक गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच तेज है।
झारखंड में डायन बिसाही के नाम पर हत्याओं का सिलसिला लगातार जारी है। ग्रामीण इलाकों में अंधविश्वास, बीमारी या दुर्भाग्य को किसी महिला या परिवार पर थोपकर हिंसा की घटनाएं आम हो गई हैं। इस घटना ने एक बार फिर सामाजिक जागरूकता और सख्त कानूनी कार्रवाई की जरूरत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
















