20260121 233552

ट्रंप ने डावोस में ग्रीनलैंड पर दोहराई मांग, लेकिन सैन्य बल का इस्तेमाल नहीं करेंगे

ट्रंप ने डावोस में ग्रीनलैंड पर दोहराई मांग, लेकिन सैन्य बल का इस्तेमाल नहीं करेंगे

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

20260121 233552

डावोस (स्विट्जरलैंड), 21 जनवरी  – अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विश्व आर्थिक मंच (WEF) के डावोस सम्मेलन में अपनी स्पीच के दौरान ग्रीनलैंड पर अमेरिका की ‘मालिकाना हक’ की मांग दोहराई है। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया, लेकिन स्पष्ट रूप से कहा कि वे सैन्य बल या ताकत का इस्तेमाल नहीं करेंगे।

ट्रंप ने कहा, “हम शायद कुछ भी हासिल नहीं कर पाएंगे जब तक मैं अत्यधिक ताकत और बल का इस्तेमाल करने का फैसला नहीं करता, जहां हम वाकई रोकने योग्य नहीं होंगे… लेकिन मैं ऐसा नहीं करूंगा। मैं बल इस्तेमाल नहीं करना चाहता। मैं बल का इस्तेमाल नहीं करूंगा।

“उन्होंने इसे “शायद मेरी सबसे बड़ी बात” करार दिया, क्योंकि कई लोग सोच रहे थे कि वे सैन्य कार्रवाई करेंगे। ट्रंप ने डेनमार्क से “तत्काल बातचीत” (immediate negotiations) की मांग की और कहा कि अमेरिका ही ग्रीनलैंड को चीन और रूस जैसे दुश्मनों से सुरक्षित रख सकता है, जबकि यूरोप ऐसा नहीं कर सकता।

उन्होंने ग्रीनलैंड को “उत्तर अमेरिका का हिस्सा” बताते हुए कहा, “यह हमारा क्षेत्र है” और “मालिकाना हक के बिना इसे बचाना संभव नहीं।”ट्रंप की यह टिप्पणी पिछले दिनों की उनकी कड़ी धमकियों से अलग है, जहां उन्होंने “हार्ड वे” या बल के इस्तेमाल को पूरी तरह खारिज नहीं किया था।

आज के बयान से बाजारों में राहत मिली और स्टॉक में तेजी आई, क्योंकि सैन्य संघर्ष की आशंका कम हुई। हालांकि, उन्होंने आर्थिक दबाव जैसे टैरिफ जारी रखने का संकेत दिया – हाल ही में उन्होंने 8 यूरोपीय देशों (डेनमार्क सहित) पर 10% टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, जो फरवरी से प्रभावी हो सकती है।

डेनमार्क और ग्रीनलैंड की सरकार ने पहले ही कई बार इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज किया है। ग्रीनलैंड के नेता ने कहा है कि वे अमेरिकी हमले की संभावना को पूरी तरह नकार नहीं सकते, लेकिन इसे “संभावना नहीं” मानते हैं। यूरोपीय संघ ने भी ट्रंप की मांग पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर काम रोक दिया है।

ट्रंप ने NATO पर भी निशाना साधा और कहा कि गठबंधन अमेरिका के विस्तार में बाधा नहीं बनेगा। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका ने डेनमार्क को जर्मनी से बचाया था और फिर इसे वापस लौटा दिया, लेकिन अब यह “असुरक्षित” है।

यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादास्पद बना हुआ है, क्योंकि यह NATO सहयोगियों के बीच तनाव बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप आर्थिक और कूटनीतिक दबाव से लक्ष्य हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं, न कि सैन्य रास्ते से।

Share via
Share via