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ट्रंप के मिक्स्ड सिग्नल्स: ईरान युद्ध कब खत्म होगा, खुद अमेरिका भी कन्फ्यूज? ट्रंप रोज नए बयान, कभी ‘जल्द खत्म’ तो कभी ‘और आगे बढ़ेंगे’

वाशिंगटन/तेहरान : अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को अब 11 दिन हो चुके हैं। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों में लगातार विरोधाभास देखने को मिल रहा है, जिससे दुनिया भर में सवाल उठ रहे हैं कि वाकई अमेरिका युद्ध खत्म करने के लिए तैयार है या नहीं। ट्रंप ने सोमवार को एक इंटरव्यू में कहा, “मुझे लगता है कि युद्ध बहुत ज्यादा पूरा हो चुका है। ” उन्होंने ईरान की मिलिट्री कैपेबिलिटी को नेस्तनाबूद बताते हुए दावा किया कि जंग “बहुत जल्दी” खत्म होने वाली है।

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लेकिन कुछ ही घंटों बाद फ्लोरिडा में रिपब्लिकन लॉमेकर्स से बातचीत में ट्रंप का लहजा बदल गया। उन्होंने कहा, “हमने कई तरीकों से जीत हासिल कर ली है, लेकिन अभी काफी नहीं जीते। हम और आगे बढ़ेंगे, और निर्णायक जीत हासिल करेंगे।” ट्रंप ने युद्ध को “शॉर्ट-टर्म एक्सकर्शन” करार दिया, लेकिन यह भी कहा कि यह “बहुत जल्दी” खत्म होगा – बिना किसी स्पष्ट टाइमलाइन के।

ईरान की तरफ से इस पर तीखा पलटवार हुआ है। इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने साफ कहा, “युद्ध कब खत्म होगा, यह अमेरिका नहीं, हम तय करेंगे।” ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर हमले जारी रखे हैं और पड़ोसी देशों में मौजूद यूएस बेस पर मिसाइल-ड्रोन अटैक किए हैं। तेहरान ने नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति के बाद भी हार नहीं मानी है और कहा है कि अमेरिका-इजरायल को “पूर्ण हार” का सामना करना पड़ेगा।

युद्ध के 11वें दिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज – दुनिया के 20% तेल और गैस का मुख्य रास्ता – लगभग बंद हो चुका है। ईरान ने अमेरिका-इजरायल से जुड़े जहाजों को पास नहीं करने की चेतावनी दी है, जिससे टैंकर ट्रैफिक सूख गया है। तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिससे भारत, चीन, यूरोप और अन्य देशों में ईंधन संकट गहरा रहा है। कई देशों में उड़ानें रद्द हो रही हैं, शिपिंग रूट बदल रहे हैं और ग्लोबल इकोनॉमी पर भारी असर पड़ रहा है।

अमेरिका के डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने कहा है कि अमेरिका आज ईरान पर अब तक के सबसे तीव्र हमले करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा, “हम अमेरिका के टाइमलाइन पर युद्ध खत्म करेंगे, दुश्मन को पूरी तरह हरा कर।” लेकिन ट्रंप के कन्फ्यूजिंग मैसेजेस से दुनिया में यह सवाल और तेज हो गया है कि क्या व्हाइट हाउस खुद युद्ध की दिशा पर सहमत है?

यह युद्ध अब न सिर्फ मिडिल ईस्ट बल्कि पूरी दुनिया के लिए बड़ा खतरा बन चुका है। क्या ट्रंप के बयान सिर्फ राजनीतिक हैं या वाकई कोई एंडगेम है? समय ही बताएगा।

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