केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने मुंबई नौसेना डॉकयार्ड में INSV कौंडिन्या का किया ध्वजारोहण, ओमान यात्रा पूरी कर कौंडिन्या मुंबई लौटा
मुंबई : भारतीय नौसेना के ऐतिहासिक नौकायन पोत INSV कौंडिन्या ने अपनी पहली विदेशी यात्रा सफलतापूर्वक पूरी कर मुंबई हार्बर में ध्वजारोहण समारोह के साथ वापसी की। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने आज नौसेना डॉकयार्ड, मुंबई में मुख्य अतिथि के रूप में इस ध्वजारोहण (फ्लैग-इन) समारोह की अध्यक्षता की।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस अवसर पर मंत्री संजय सेठ ने कहा, “नौसेना परिसर में उपस्थित होना एक अनूठा और गौरवपूर्ण क्षण है। INSV कौंडिन्या भारत की सदियों पुरानी समुद्री परंपराओं और हमारे पूर्वजों के उल्लेखनीय पोत निर्माण कौशल को प्रतिबिंबित करता है। यह राष्ट्र को अपनी समृद्ध समुद्री विरासत से पुनः जुड़ने और उस पर गर्व करने का अवसर प्रदान करता है।”
INSV कौंडिन्या का निर्माण अजंता गुफाओं से प्रेरित प्राचीन ‘तंकई’ (stitched-plank) तकनीक से किया गया है, जिसमें लकड़ी के तख्तों को नारियल की रस्सियों से सिला गया है – बिना किसी आधुनिक कील या वेल्डिंग के। यह पोत 29 दिसंबर 2025 को गुजरात के पोरबंदर से रवाना हुआ था और लगभग 1500 समुद्री मील की दूरी तय कर अरब सागर पार करते हुए 14 जनवरी 2026 को मस्कट (ओमान) पहुंचा। यह यात्रा भारत और ओमान के बीच प्राचीन समुद्री संबंधों को प्रतीकात्मक रूप से पुनर्जीवित करने वाली ऐतिहासिक पहल थी।
मंत्री ने इस परियोजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन और राष्ट्र की विरासत के सम्मान से जोड़ा। उन्होंने कहा कि यह भारतीय नौसेना, संस्कृति मंत्रालय और होडी इनोवेशन्स प्राइवेट लिमिटेड के संयुक्त प्रयासों का उत्कृष्ट उदाहरण है।
समारोह में पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन सहित वरिष्ठ नौसेना अधिकारी उपस्थित थे। ओमान के महावाणिज्यदूत महामहिम महबूब ईसा अल रायसी भी विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए।
होली के पावन अवसर पर मंत्री ने चालक दल को बधाई दी और अबीर लगाकर उत्सव मनाया। उन्होंने पूरे दल को उनके समर्पण, व्यावसायिकता और साहस के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा, “INSV कौंडिन्या की यह यात्रा भारत के गौरवशाली अतीत, आत्मविश्वास से भरे वर्तमान और महत्वाकांक्षी समुद्री भविष्य का जीवंत प्रतीक है।”

















