उपराष्ट्रपति चुनाव 2025: आज संसद में NDA और INDIA ब्लॉक के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला, कौन बनेगा देश का अगला उपराष्ट्रपति?
नई दिल्ली : भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए आज संसद भवन में मतदान होगा। यह चुनाव वर्तमान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के 21 जुलाई 2025 को स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा देने के बाद हो रहा है। एनडीए गठबंधन के उम्मीदवार और महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन का सीधा मुकाबला INDIA ब्लॉक के उम्मीदवार और पूर्व सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी से है। मतदान सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा, जबकि मतगणना शाम 6 बजे शुरू होकर उसी दिन रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!चुनाव प्रक्रिया और मतदाता
उपराष्ट्रपति का चुनाव संविधान के अनुच्छेद 66 के तहत संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के सदस्यों द्वारा गुप्त मतदान से किया जाता है। वर्तमान में कुल 781 सांसद मतदान के पात्र हैं (लोकसभा में 542 और राज्यसभा में 239 सदस्य)। जीत के लिए कम से कम 391 वोटों की आवश्यकता है। मतदान एकल हस्तांतरणीय वोट प्रणाली (सिंगल ट्रांसफरेबल वोट) से होगा, जिसमें राज्यसभा के नामित सदस्य भी वोट दे सकते हैं। चुनाव आयोग ने सभी सांसदों को नामांकन संख्या और विशेष निर्देश वाली चिट्ठी भेजी है, ताकि मतदान प्रक्रिया सुचारू रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज पहले वोट डालने वालों में शामिल होंगे, उसके बाद वे पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। बीजेपी ने अपने सांसदों के लिए वोटिंग पर विशेष कार्यशाला भी आयोजित की है, ताकि पहली बार चुने गए सांसदों को प्रक्रिया का ज्ञान हो।
उम्मीदवारों का परिचय
एनडीए उम्मीदवार: सी.पी. राधाकृष्णन
67 वर्षीय सी.पी. राधाकृष्णन तमिलनाडु के कोयंबटूर से हैं और भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े रहे हैं और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में दो बार लोकसभा सदस्य रह चुके हैं। 2023 में उन्हें झारखंड का राज्यपाल बनाया गया, जो जुलाई 2024 में महाराष्ट्र स्थानांतरित हो गया। एनडीए के पास लोकसभा और राज्यसभा में मजबूत संख्या बल (लगभग 437 वोट) होने से राधाकृष्णन की जीत की संभावना अधिक है। एनडीए सहयोगी दलों जैसे वाईएसआर कांग्रेस पार्टी का समर्थन भी उन्हें मजबूत बनाता है।
INDIA ब्लॉक उम्मीदवार: जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी
79 वर्षीय जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी आंध्र प्रदेश (वर्तमान तेलंगाना) के रंगा रेड्डी जिले से हैं। उन्होंने 1971 में वकालत शुरू की और 1995 में आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के स्थायी न्यायाधीश बने। 2007 से 2011 तक वे सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश रहे। उनके प्रमुख फैसलों में ब्लैक मनी जांच, सलवा जुडुम को असंवैधानिक घोषित करना और सामाजिक न्याय से जुड़े मामले शामिल हैं। 2013 में वे गोवा के पहले लोकायुक्त बने, लेकिन व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दे दिया। विपक्ष ने उन्हें ‘संविधान रक्षक’ बताते हुए नामित किया है, जो लगभग 323 वोट हासिल कर सकता है। हालांकि, संख्या बल कम होने से उनकी जीत मुश्किल लग रही है।
संख्या गेम और राजनीतिक समीकरण
एनडीए के पास स्पष्ट बहुमत है, लेकिन 18 सांसदों का रुख अभी अस्पष्ट है, जो चुनाव को रोमांचक बना सकता है। विपक्ष इसे ‘संविधान बनाम आरएसएस-बीजेपी’ की वैचारिक लड़ाई बता रहा है। दक्षिण भारत से दोनों उम्मीदवार होने से यह ‘साउथ वर्सेज साउथ’ का मुकाबला बन गया है। तेलुगु देशम पार्टी, वाईएसआरसीपी और बीआरएस जैसे दलों का समर्थन निर्णायक होगा।
















