उपराष्ट्रपति चुनाव 2025: सीपी राधाकृष्णन या बी सुदर्शन रेड्डी, कल किसे मिलेगी जीत? जाने वोटिंग की पूरी प्रक्रिया, तारीख, जगह
नई दिल्ली : भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए कल यानी 9 सितंबर 2025 को ऐतिहासिक चुनाव होने वाला है। एनडीए की ओर से नामित महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन और विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज बी सुदर्शन रेड्डी के बीच मुकाबला होगा। संसदीय बहुमत के आधार पर एनडीए के सीपी राधाकृष्णन को कल जीत की संभावना अधिक नजर आ रही है, हालांकि विपक्ष दावा कर रहा है कि वह कड़ा मुकाबला देगा। आइए जानते हैं चुनाव की पूरी डिटेल्स।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!चुनाव का बैकग्राउंड: क्यों हो रहा है जल्दी चुनाव?
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 68 के तहत, उपराष्ट्रपति पद रिक्त होने पर जितनी जल्दी हो सके चुनाव कराना अनिवार्य है। जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देकर इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद निर्वाचन आयोग ने 9 सितंबर को मतदान की तारीख तय की। यह चुनाव राज्यसभा के सभापति पद के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि उपराष्ट्रपति राज्यसभा की बैठकों का संचालन करते हैं। एनडीए ने 17 अगस्त को सीपी राधाकृष्णन को नामित किया, जबकि इंडिया ब्लॉक ने 19 अगस्त को बी सुदर्शन रेड्डी को मैदान में उतारा।
उम्मीदवार कौन हैं? उनकी प्रोफाइल
सीपी राधाकृष्णन (एनडीए उम्मीदवार) : तमिलनाडु के तिरुप्पुर में 1957 में जन्मे राधाकृष्णन भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं। वे लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं और वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं। भाजपा उन्हें एक मजबूत प्रशासक और संगठनकर्ता मानती है। एनडीए का दावा है कि राधाकृष्णन का अनुभव उन्हें उपराष्ट्रपति पद के लिए आदर्श बनाता है।
बी सुदर्शन रेड्डी (इंडिया ब्लॉक उम्मीदवार) : तेलंगाना के अकुला म्यलाराम में 1946 में जन्मे रेड्डी पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज हैं। वे न्यायिक क्षेत्र में अपनी निष्पक्षता के लिए जाने जाते हैं। इंडिया ब्लॉक का कहना है कि रेड्डी का चयन लोकतंत्र की रक्षा के लिए किया गया है, खासकर जब विपक्ष का मानना है कि वर्तमान व्यवस्था में स्वतंत्रता पर खतरा मंडरा रहा है।
कल वोटिंग कब, कहां और कैसे होगी?
उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के निर्वाचित सदस्यों द्वारा किया जाता है। नामित सदस्य भी राज्यसभा में वोट कर सकते हैं, लेकिन लोकसभा में केवल निर्वाचित सदस्य ही वोटिंग कर सकते हैं। कुल निर्वाचक मंडल में 781 सदस्य हैं, जिसमें लोकसभा के 543 सदस्य (कुछ सीटें खाली) और राज्यसभा के 238 निर्वाचित सदस्य (5 सीटें खाली) हैं।
मतदान कल सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संसद भवन के फर्स्ट फ्लोर पर वासुधा रूम नंबर F-101 में होगा। रिटर्निंग ऑफिसर के रूप में संसद सचिवालय के महासचिव पीसी मोदी कार्यभार संभालेंगे।
वोटिंग पूरी तरह गुप्त होगी। प्रत्येक सांसद को एक बैलेट पेपर मिलेगा, जिसमें वे अपनी पहली पसंद के उम्मीदवार को नंबर 1 देकर वोट देंगे। यदि जरूरी हो तो दूसरी पसंद भी दी जा सकती है। बीजेडी और बीआरएस जैसी पार्टियां मतदान से दूर रहने का ऐलान कर चुकी हैं, जिससे एनडीए को फायदा हो सकता है। मतदान के बाद वोटों की गिनती उसी दिन शाम को शुरू हो सकती है, और परिणाम रात तक घोषित हो सकता है।
संसदीय संख्याओं के लिहाज से एनडीए के पास 432 वोट (55%) हैं, जबकि इंडिया ब्लॉक के पास 326 (42%)। अन्य 21 वोट हैं। एनडीए को वाईएसआरसीपी जैसे दलों का समर्थन भी मिला है, जिससे सीपी राधाकृष्णन की जीत लगभग तय मानी जा रही है। हालांकि अंतर ज्यादा नहीं होगा।
















