जल की स्वच्छता और संरक्षण भविष्य के लिए आवश्यक : उपायुक्त.
सिमडेगा : पेयजल एवं स्वच्छता विभाग का स्वच्छ जल एवं संरक्षण को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया । गुरुवार को नगर भवन में जल जीवन मिशन के तहत एक दिवसीय कार्यशाला आयोजन किया गया। जिसमें स्वचछ पेयजल की उपलब्धता के साथ जल संरक्षण को भविष्य के लिए आवश्यक बताया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त सुशांत गौरव ने दीप प्रज्वलित कर किया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि घर-घर शुद्ध पेयजल पंहुचाने के लिए सरकार और जिला प्रशासन कार्य कर रही है। हरेक घर तक पेयजल पहुंचाना जितना जरूरी है। उतना ही मानव जीवन को बचाने के लिए जल को संरक्षित करना भी है। जिस तरह जीवन के लिए स्वच्छ पेयजल महत्वपूर्ण है। उसी तरह भविष्य के लिए भी जल संग्रहण और संरक्षण करना बेहद जरूरी है। जिससे भावी पीढ़ी को जीवन जीने के लिए शुद्ध पेयजल मिलता रहे। उन्होंने जल के दोहन को रोकने के लिए जागरूक होकर जिम्मेदारी निभाने की बात कही। उन्होंने कहा कि जल का संरक्षण करना आवश्यक है। क्योंकि ये पैदा नही किया जा सकता है। इसे बचा कर ही बढ़ाया जा सकता है। जिससे आने वाले समय में उपयोग किया जा सके।
उन्होंने कहा कि सरकार जन सुविधाओं के लिए जो जगह जगह अनेकों योजनाओं के माध्यम से पेयजल और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था कर रही है। उसके देखरेख की जिम्मेदारी स्थानीय नागरिकों की है। उन्होंने कहा कि आपकी सुविधा के लिए लगाए गए पेयजल मशीन आदी का देखभाल करें। उन्होंने कहा कि सरकार ने जगह जगह जलमीनार आदी लगा कर जनता के सुपुर्द किए हैं। अब ये जनता की जिम्मेदारी है कि उसे किस तरह रखे। आपके जरूरत और सुविधा की वस्तु सुरक्षित रहेगी तो उसका बेहतर उपभोग भी आप ही करेंगे।
सरकार और प्रशासन के द्वारा जल संरक्षण के लिए जल छाजन सहित कई योजनाएं चलाई जा रही है। जिससे पानी का ठहराव होगा और भूतलीय जल का स्तर बढ़ेगा। जब भूतलीय जल स्तर ठीक रहेगा तभी अंतीम व्यक्ति तक पानी पंहुचेगा। कार्यक्रम में शामिल यूनिसेफ के कृष्ण कुमार ने भी जल संग्रहण और संरक्षण पर जोर देते हुए जल जीवन है, कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि साफा सिमडेगा की तरह इस कार्यक्रम को भी बेहतर बनाना है। कार्यक्रम में उपायुक्त ने सभी को स्वच्छ पेयजल के सदुपयोग और संरक्षण की शपथ दिलाई। मौके पर सभी बीडीओ, चिकित्सा पदाधिकारी, जन प्रतिनिधि सहित सेविका सहायिका और अन्य उपस्थित थे।
सिमडेगा, शम्भू कुमार सिंह

















