20260125 201235

झारखंड के ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान: प्रदेश भाजपा ने किया स्वागत

रांची : केंद्र सरकार द्वारा झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक श्रद्धेय शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान से नवाजे जाने की घोषणा पर प्रदेश भाजपा ने खुशी जताई है। यह सम्मान झारखंड की मिट्टी, आदिवासी संघर्ष और लोककल्याण के क्षेत्र में उनके जीवनभर के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने वाला कदम माना जा रहा है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं सांसद आदित्य साहू ने इस घोषणा का हार्दिक स्वागत करते हुए कहा, “यह झारखंड की मिट्टी का सम्मान है, गुरुजी के संघर्षों का सम्मान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार ने झारखंड के अमर शहीदों, कलाकारों और समाजसेवियों को लगातार पद्म अलंकरण से सम्मानित कर राज्य की पहचान को मजबूत किया है।”

आदित्य साहू ने आगे कहा कि श्रद्धेय शिबू सोरेन (दिशोम गुरु) का संपूर्ण जीवन संघर्षों से भरा रहा। उन्होंने झारखंड में व्याप्त अशिक्षा, नशाखोरी और सूदखोरी के खिलाफ बड़ा संघर्ष किया। झारखंड अलग राज्य आंदोलन को उन्होंने वर्षों तक मजबूत नेतृत्व प्रदान किया और इसे एक सही दिशा दी। उनका जीवन लोककल्याण और आदिवासी हितों के लिए पूरी तरह समर्पित रहा।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने झारखंड के इस महान व्यक्तित्व को यह सम्मान देकर राज्यवासियों की भावनाओं का सम्मान किया है।

यह पद्म भूषण पुरस्कार 2026 के लिए गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर घोषित 131 पद्म पुरस्कारों में शामिल है, जिसमें पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री श्रेणियों के विजेता शामिल हैं। शिबू सोरेन को ‘पब्लिक अफेयर्स’ श्रेणी में मरणोपरांत यह सम्मान प्रदान किया जा रहा है।

प्रदेश भाजपा का मानना है कि यह सम्मान न केवल शिबू सोरेन के व्यक्तिगत योगदान को सराहता है, बल्कि झारखंड आंदोलन और आदिवासी समाज के संघर्ष को भी राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाता है।

Share via
Share via