रांची: अपहृत अंश-अंशिका का 7वें दिन भी कोई सुराग नहीं, 10 जनवरी को मशाल जुलूस और 11 को एचईसी क्षेत्र बंद का ऐलान
रांची : झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र अंतर्गत मौसीबाड़ी खटाल मल्लारकोचा से 2 जनवरी को लापता हुए 5 वर्षीय अंश और 4 वर्षीय अंशिका की सकुशल बरामदगी का सातवें दिन भी कोई सुराग नहीं मिला है। इस मामले में बढ़ते जनाक्रोश के बीच आज ‘अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति’ की महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैठक की अध्यक्षता समिति के संयोजक एवं राजद नेता कैलाश यादव ने की। बैठक मौसीबाड़ी खटाल मल्लारकोचा में संपन्न हुई, जिसमें अपहृत बच्चों के पिता सुनील यादव सहित नंदन यादव, बबन यादव, मिंटू पासवान, रंजन यादव, पूर्व पार्षद उर्मिला देवी, मंजू देवी, नीलम चौधरी, अनीता यादव, संजीत यादव, पिंकी देवी, स्नेहलता यादव, संतोष सिंह, मुन्ना सिंह, मनीष सिंह, रामकुमार यादव, ओमप्रकाश यादव, कुंदन यादव, ओम तिवारी, उदय यादव, राहुल कुमार, अभिषेक सिंह, राजेश यादव समेत कई स्थानीय लोग मौजूद रहे।
बैठक में सभी ने एक स्वर से कहा कि बच्चों की सकुशल वापसी तक समिति के हर निर्णय का समर्थन करेंगे। संयोजक कैलाश यादव ने कहा कि सात दिन बीत जाने के बावजूद प्रशासन बच्चों को बरामद करने में सफल नहीं हो सका है। उन्होंने याद दिलाया कि 6 जनवरी को शहीद मैदान में महाधरने के दौरान सीनियर एसएसपी राकेश रंजन ने एसआईटी गठन का आश्वासन दिया था और जल्द बरामदगी की बात कही थी, लेकिन अब तक कोई खुशखबरी नहीं मिली। परिजनों की मानसिक स्थिति चिंताजनक है और क्षेत्र में जनाक्रोश बढ़ता जा रहा है।
यादव ने कहा, “हम प्रशासन का पूरा सहयोग कर रहे हैं, लेकिन लोकतांत्रिक तरीके से सवाल उठाते रहेंगे। सभी रांची और झारखंडवासियों से अपील है कि मानवीय संवेदना जगाकर बच्चों की सकुशल वापसी के लिए दुआ करें।”
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 10 जनवरी को शाम 4 बजे से पुरानी विधानसभा से भगवान बिरसा चौक तक मशाल जुलूस निकाला जाएगा। 11 जनवरी को पूरे एचईसी क्षेत्र में बंद रहेगा, जिसमें सभी बाजार, दुकानें और हाट स्वत: बंद रहेंगे। इसके अलावा, 9 जनवरी को शाम 4 बजे से 9 बजे तक धुर्वा बस स्टैंड, जेपी मार्केट सेक्टर-2 और झोपड़ी मार्केट में नुक्कड़ सभा आयोजित की जाएगी, ताकि मशाल जुलूस और बंद को समर्थन जुटाया जा सके।
समिति ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सकुशल वापसी तक चरणबद्ध कार्यक्रम जारी रहेंगे और प्रशासन से सहयोग के साथ-साथ लोकतांत्रिक सवाल भी उठाए जाते रहेंगे।
गौरतलब है कि पुलिस ने इस मामले में एसआईटी गठित की है और बच्चों की जानकारी देने पर 51 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। जांच लगातार जारी है, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।

















