सांसद आदर्श ग्राम में अन्नदाता किसानों की अनिश्चितकालीन जमीन समाधि सत्याग्रह शुरू।

सांसद आदर्श ग्राम में अन्नदाता किसानों की अनिश्चितकालीन जमीन समाधि सत्याग्रह शुरू।

Share
Link copied

सांसद आदर्श ग्राम में अन्नदाता किसानों की अनिश्चितकालीन जमीन समाधि सत्याग्रह शुरू।

Indefinite land samadhi satyagraha of Annadata farmers started in MP Adarsh ​​village.
Indefinite land samadhi satyagraha of Annadata farmers started in MP Adarsh ​​village.
आदिवासी बहुल इस गांव में बिजली पानी सड़क आदि को लेकर किसान कर रहे जमीन समाधि सत्याग्रह
आदिम जनजाति परहैया टोला और पहना पानी, अठुला में इमरजेंसी में एम्बुलेंस भी नहीं आ पाती है 
प्रधानमंत्री के योजना अनुसार 2019 तक ग्राम पंचायत में बुनियादी सुविधा बहाल करनी थी लेकिन छ: साल में भी ऐसा नहीं हुआ 
समस्या समाधान के लिए अन्नदाता किसानों का संघर्ष ही एकमात्र विकल्प 

लातेहार – चंदवा प्रखंड अंतर्गत कामता पंचायत के सांसद आदर्श ग्राम चटुआग के अन्नदाता किसानों ने अपनी मुलभूत सुविधाएं बिजली पानी सड़क जमीन के आदि के लिए जमीन समाधि सत्याग्रह शुरू कर दिया है। खुला कब्र में लेटकर इस सत्याग्रह की अगुवाई कर रहे पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने कहा कि वर्ष 2017-18 में भाजपा के चतरा लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद ने सांसद आदर्श ग्राम के रूप में आदिवासी बहुल चटुआग ग्राम का चयन किया था, जिला प्रशासन ने संपूर्ण कामता पंचायत को सांसद आदर्श पंचायत घोषित कर दिया,

सांसद आदर्श ग्राम में अन्नदाता किसानों की अनिश्चितकालीन जमीन समाधि सत्याग्रह शुरू।

प्रधानमंत्री की योजना अनुसार 2019 तक इस ग्राम पंचायत में सभी बुनियादी सुविधाएं बहाल करनी थी लेकिन विकास से वंचित सांसद आदर्श ग्राम चटुआग एवं आदर्श पंचायत कामता का करीब छः साल में न तस्वीर बदली नाही तकदीर ही बदली, उस समय अन्नदाता किसानों को लगा था कि अब ग्राम पंचायत में बिजली पानी सड़क पुल की समस्या दुर होगी लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। बिजली के लिए कई बार किसानों ने जिला मुख्यालय का चक्कर लगाया लेकिन कुछ भी नहीं हुआ, पहना पानी, अठुला, परहैया टोला आदि गांव में अच्छी सड़कें नहीं है इसके कारण इमरजेंसी में इन टोलों में बीमार मरीज को अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस भी नहीं आ पाती है, शुद्ध पेयजल भी यहां के किसानों को नसीब नहीं है, थकहार कर खुले आसमां के निचे अन्नदाता किसान जमीन में गड्ढा खोदकर गर्दन से नीचे तक का हिस्सा दफन कर अपनी आवाज बुलंद कर सरकार तक अपनी बात पहुंचा रहे हैं साथ ही गांव की महिलाएं भी इस समाधि सत्याग्रह में बैठे हुए हैं।

ABOUT THE AUTHOR
drishtinow

drishtinow