बिहार राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की बाढ़ व आपदा की पूर्व तैयारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा।

बिहार राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की बाढ़ व आपदा की पूर्व तैयारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा।

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बिहार राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की बाढ़ व आपदा की पूर्व तैयारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा।

बिहार राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की बाढ़ व आपदा की पूर्व तैयारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा।
Bihar state Chief Minister Nitish Kumar made an important review of flood and disaster preparations.

बिहार राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की बाढ़ व आपदा की पूर्व तैयारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा।

बिहार राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की बाढ़ व आपदा की पूर्व तैयारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा।

पटना:सीएम नीतीश कुमार ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित सभा कक्ष में बाढ़ एवं सुखाड़ से पूर्व तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। इस बैठक में सभी जिलों के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, आपदा प्रबंधन, जल संसाधन, ग्रामीण कार्य, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, स्वास्थ्य एवं पशुपालन विभाग समेत अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

सीएम नीतीश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आगामी मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए राज्य भर में बाढ़ और सूखे की संभावनाओं से निपटने हेतु सभी आवश्यक तैयारियाँ समय रहते पूरी कर ली जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन को पूरी तरह सजग और सक्रिय रहना चाहिए।

बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव  रत्नेश कुमार ने जून से सितंबर तक के संभावित वर्षा के आंकड़ों की जानकारी दी और बताया कि इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा की संभावना है। इसके बावजूद सरकार सभी ज़रूरी उपाय सुनिश्चित कर रही है।

सीएम ने निर्देश दिए कि राहत शिविरों की व्यवस्था, मेडिकल सुविधा, पशुचारे, ड्राई राशन, नावों की उपलब्धता, प्लास्टिक शीट्स, सुरक्षित पेयजल एवं क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत आदि सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग को मॉनिटरिंग सिस्टम को लगातार सक्रिय बनाए रखने को कहा।

बैठक में उपमुख्यमंत्री समेत कई कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित थे।

सीएम ने अधिकारियों को आगाह किया कि जून के पहले सप्ताह तक अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति का आकलन कर आवश्यक कार्य पूरा कर लें ताकि आपदा की स्थिति में किसी भी नागरिक को कोई कठिनाई न हो।

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