20250622 204059

ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) का 40वां स्थापना दिवस समारोह मोरहाबादी में संपन्न

ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) ने अपना 40वां स्थापना दिवस डॉ. रामदयाल मुंडा सभागार, मोरहाबादी में भव्य समारोह के साथ मनाया। इस अवसर पर छोटनागपुर, संयाल परगना, ओडिशा, पश्चिम बंगाल सहित बृहत झारखंड के सभी जिलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। समारोह में झारखंड आंदोलन के उद्देश्यों को पुनर्जनन करने और बृहत झारखंड के लिए संघर्ष की शपथ ली गई।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

मुख्य अतिथि झारखंड राज्य मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति त्रिवेणी नाथ साहू ने झारखंड आंदोलनकारियों और उनके परिवारों को “आंदोलनकारी सम्मान पत्र” देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा, “झारखंड राज्य गठन के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए निर्णायक संघर्ष की आवश्यकता है।” विशिष्ट अतिथियों में पत्रकार अनुज कुमार सिन्हा, शफीक अंसारी, किशलय जी, और स्वर्गीय कमल किशोर भगत (मरणोपरांत) को “निर्णायक झारखंड आंदोलन के नायक” सम्मान से नवाजा गया। स्वर्गीय भगत की पत्नी नीरू शांति भगत ने कहा, “झारखंड की लड़ाई अभी बाकी है।”

समारोह में झारखंड की संस्कृति को बढ़ावा देने वाले फिल्मकार मेघनाथ भट्टाचार्य, प्रबल महतो सहित अन्य को भी सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि ने सर्वप्रथम झारखंड के महानायक और आजसू के मार्गदर्शक डॉ. रामदयाल मुंडा के नाम पर स्मृति सम्मान पत्र जारी किया।

पूर्व अध्यक्ष ललित महतो ने कहा, “भाषा, संस्कृति, और खतियान जैसे मुद्दों पर झारखंडियों की पहचान को फिर से बुलंद करने की जरूरत है।” समारोह में आजसू के संस्थापक अध्यक्ष प्रभाकर तिर्की, महासचिव सूर्य सिंह बेसरा, ललित कुमार महतो, रतन तिर्की, जॉय बखला, प्रो. बिनोद भगत सहित कई संस्थापक सदस्य मौजूद थे।

संस्थापक महासचिव सूर्य सिंह बेसरा ने घोषणा की कि 2025 के अंत तक आजसू का पुनर्गठन किया जाएगा, और नए छात्र-नवजवानों को संगठन की कमान सौंपी जाएगी। उन्होंने कहा, “युवाओं को नेतृत्व देने का समय आ गया है, हम मार्गदर्शन की भूमिका निभाएंगे।” बृहत झारखंड के उद्देश्यों के लिए आर-पार की लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया गया।

समारोह में उन लोगों की कड़ी निंदा की गई, जो आजसू के स्थापना दिवस को “बलिदान दिवस” के रूप में प्रचारित कर संगठन के विचारों को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। संस्थापक अध्यक्ष प्रभाकर तिर्की ने कहा, “आजसू का राजनीतिक दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ भारत निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज की जाएगी। छात्र संगठन का सक्रिय राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।”

40वें स्थापना दिवस के अवसर पर आजसू ने अपनी ऐतिहासिक पहचान को पुनर्जनन करने और झारखंड के मूल निवासियों के हक-अधिकार के लिए संघर्ष तेज करने का संकल्प दोहराया। समारोह में उपस्थित सभी सदस्यों ने एकजुट होकर बृहत झारखंड के सपने को साकार करने की शपथ ली।

Share via
Share via