सिमडेगा चैंबर ऑफ कॉमर्स चुनाव: मोतीलाल अग्रवाल और राजू शर्मा के बीच कांटे की टक्कर, निष्पक्ष मतदान पर जोर

सिमडेगा चैंबर ऑफ कॉमर्स चुनाव: मोतीलाल अग्रवाल और राजू शर्मा के बीच कांटे की टक्कर, निष्पक्ष मतदान पर जोर

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शंभू कुमार सिंह

सिमडेगा जिले में चैंबर ऑफ कॉमर्स के चुनाव की सरगर्मी चरम पर है। जैसे-जैसे मतदान का समय नजदीक आ रहा है, चाय की दुकानों से लेकर चौक-चौराहों तक चर्चाओं का बाजार गर्म है। इस बार के चुनाव में दो प्रमुख दावेदार, मोतीलाल अग्रवाल और राजू शर्मा, अपनी-अपनी टीमें लेकर मैदान में हैं। दोनों पक्ष व्यापारियों के हित और एकता के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, लेकिन भाषा की मर्यादा को लेकर कुछ विवाद भी उभर रहे हैं।

सिमडेगा चैंबर ऑफ कॉमर्स चुनाव: मोतीलाल अग्रवाल और राजू शर्मा के बीच कांटे की टक्कर, निष्पक्ष मतदान पर जोर

मोतीलाल अग्रवाल: अनुभव और भाईचारे का दावा

मोतीलाल अग्रवाल, जिनकी अगुवाई में ‘टीम 21’ चुनाव मैदान में है, लंबे समय से व्यवसाय के क्षेत्र में सक्रिय हैं। मारवाड़ी समाज के साथ-साथ अन्य समुदायों में भी उनकी मजबूत पहचान है। कोविड काल में व्यापारियों और आम जनता के लिए उनके निस्वार्थ कार्यों ने उन्हें लोकप्रिय बनाया है। उनकी टीम में शहर के कई प्रतिष्ठित और अनुभवी लोग शामिल हैं, जो एक सशक्त और एकजुट संगठन का दावा कर रहे हैं। मोतीलाल के समर्थक उनकी निस्वार्थ सेवा और प्रशासन के साथ बेहतर तालमेल की सराहना करते हैं। सूत्रों के अनुसार, उनकी लोकप्रियता और पिछले कार्यों के आधार पर ‘मोती ग्रुप’ को व्यापक समर्थन मिल रहा है।

राजू शर्मा: ताकतवर दावेदार, लेकिन विवादों में

दूसरी ओर, राजू शर्मा की अगुवाई वाली टीम को आनन-फानन में तैयार किया गया है। राजू शर्मा शहर के बड़े व्यापारियों में से एक हैं और सरकारी ठेकों और सप्लाई में उनका दबदबा रहा है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि उनके राजनीतिक हितों और हिंदू-मुस्लिम समीकरणों पर आधारित रणनीति से कुछ व्यापारी नाखुश हैं। उनके सरकारी टेंडरों में एकाधिकार और सामाजिक कार्यों में सीमित उपस्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। कुछ लोग मानते हैं कि यह उनके लिए व्यापारियों के हित में खुलकर सामने आने में बाधक हो सकता है।

चुनावी माहौल और सट्टेबाजी

चुनाव को लेकर जिले में उत्साह चरम पर है। चौक-चौराहों, पान दुकानों और सैलून में भविष्यवाणियों का दौर चल रहा है। कुछ लोग सट्टेबाजी में भी जुटे हैं, जिसमें मोती ग्रुप को बढ़त मिलती दिख रही है। हालांकि, एकता और बाहरी प्रभावों को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं।

निष्पक्ष चुनाव का वादा

चुनाव अधिकारी भारत भूषण सारंगी ने निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान की प्रतिबद्धता जताई है। उन्होंने बताया कि पिछली समिति ने सभी भरे हुए फॉर्म उपलब्ध नहीं कराए, जिसके चलते केवल घोषणा के दिन जारी प्रथम वोटर सूची के आधार पर ही मतदान होगा। मृत सदस्यों के प्रतिनिधियों को वोटिंग का अधिकार नहीं दिया जाएगा। मतदान 29 जून 2025 को सुबह 8 बजे से आनंद भवन में होगा, जहां सभी वोटरों के लिए जलपान की व्यवस्था भी की गई है। सारंगी ने कहा, “हमारा लक्ष्य विवाद-मुक्त और निष्पक्ष चुनाव कराना है।”

सिमडेगा चैंबर ऑफ कॉमर्स का यह चुनाव न केवल व्यापारियों के हितों को दिशा देगा, बल्कि जिले में एकता और नेतृत्व की नई तस्वीर भी उकेरेगा। मोतीलाल अग्रवाल की अनुभवी और लोकप्रिय छवि और राजू शर्मा की ताकतवर रणनीति के बीच यह मुकाबला रोमांचक होने वाला है। अब यह देखना बाकी है कि मतदाता किसे अपना नेता चुनते हैं।

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