झारखंड सरकार आपदा प्रबंधन में तत्पर, जनता की सुरक्षा सर्वोपरि: डॉ. इरफान अंसारी
रांची : झारखंड के आपदा प्रबंधन एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने आज विधानसभा में विशेष चर्चा के दौरान भारी वर्षा और अतिवृष्टि से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए राज्य सरकार की तैयारियों और प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने विपक्ष पर बयानबाजी और अफवाह फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता को राहत चाहिए, राजनीति नहीं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 में मई से जुलाई तक रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है। मई में 107%, जून में 84%, और जुलाई में 29% अधिक वर्षा हुई। कई जिलों में Red, Orange और Yellow Alert जारी किए गए हैं।
आपदा के प्रभाव के आंकड़े
मृत्यु 486 (09 अतिवृष्टि, 01 बाढ़, 188 वज्रपात, 192 डूबने, 96 सर्पदंश से), मकान क्षति 10,900 कच्चे मकान आंशिक, 474 कच्चे मकान पूर्ण, 212 पक्के मकान आंशिक, और 18 पक्के मकान पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त और कृषि क्षति 23,886 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित। तुलनात्मक रूप से, पिछले वर्ष (2024-25) में 536 मृत्यु, 1,620 मकान क्षतिग्रस्त, और 67,211 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई थी।
सरकार की त्वरित कार्रवाई
डॉ. अंसारी ने सरकार की तत्परता पर जोर देते हुए बताया कि आपदा प्रभावितों के लिए अब तक ₹48.15 करोड़ का भुगतान किया गया। चार महीनों में ₹52.00 करोड़ राहत और पुनर्वास के लिए जिलों को आवंटित। अधियाचनाओं पर 24 घंटे के भीतर राशि जारी करने की कही बात। वज्रपात की घटनाओं को कम करने के लिए Electric Field Mill (EFM) योजना शुरू हो गई है। पहले चरण में रांची, जमशेदपुर, गुमला, बोकारो, और पलामू के 25 पंचायतों में स्थापना।
विपक्ष पर निशाना
विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जब सरकार संकट में जनता के साथ खड़ी है, तब विपक्ष केवल बयानबाजी और अफवाहों में व्यस्त है। हमारी प्राथमिकता जनता की सुरक्षा और राहत है। डॉ. अंसारी ने जनता को भरोसा दिलाया कि हमारी तैयारी हर आपदा से बड़ी है। हमारा संकल्प साफ है सत्ता नहीं, जनता पहले।
















