ट्रंप की जिद नहीं टूटी! कोर्ट के फैसले के बावजूद 10% ग्लोबल टैरिफ लागू, बाजारों में हड़कंप
वॉशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक बार फिर अपनी ताकत का लोहा मनवाया। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने उनके पुराने व्यापक ग्लोबल टैरिफ को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया था, लेकिन ट्रंप ने मात्र कुछ घंटों में पलटवार करते हुए दुनिया के सभी देशों पर 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ (Global Tariff) लागू कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाया कि ट्रंप ने 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) का दुरुपयोग कर टैरिफ नहीं लगा सकते। इस फैसले से पिछले साल लगाए गए कई टैरिफ रद्द हो गए, जिससे अरबों डॉलर के रिफंड का रास्ता खुल गया। कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने बहुमत की राय लिखी।
ट्रंप ने इस फैसले पर कड़ा रिएक्शन देते हुए जजों को “मूर्ख” और “गद्दार” तक कहा। व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने घोषणा की कि वे 1974 के ट्रेड एक्ट की सेक्शन 122 के तहत नया 10% टैरिफ लगा रहे हैं। यह टैरिफ मौजूदा अन्य टैरिफ के ऊपर लागू होगा और शुरुआत में 150 दिनों के लिए प्रभावी रहेगा।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा: “यह मेरा महान सम्मान है कि मैंने ओवल ऑफिस से सभी देशों पर 10% ग्लोबल टैरिफ पर हस्ताक्षर किए हैं, जो लगभग तुरंत प्रभावी होगा।”
इस फैसले का असर भारत सहित एशिया, यूरोप और अन्य महाद्वीपों के निर्यात पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। इससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी, स्टॉक मार्केट में गिरावट देखी गई। कुछ वस्तुओं जैसे क्रिटिकल मिनरल्स, मेटल्स और एनर्जी प्रोडक्ट्स को छूट मिल सकती है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि इससे महंगाई बढ़ सकती है और ट्रेड वॉर तेज हो सकता है।

















