20250908 093513

स्वर्वेद संदेश यात्रा: आत्म जागरण से राष्ट्र जागरण की ओर – संत प्रवर विज्ञानदेव जी महाराज

शंभू कुमार सिंह 

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

सिमडेगा: विहंगम योग संत समाज द्वारा कश्मीर से कन्याकुमारी तक आयोजित *स्वर्वेद संदेश यात्रा* का सिमडेगा में भव्य स्वागत किया गया। यह यात्रा, जो विहंगम योग संत समाज के 102वें वार्षिकोत्सव *समर्पण दीप आध्यात्म महोत्सव* के तहत आयोजित की जा रही है, स्थानीय संस्कृति और रीति-रिवाजों के बीच प्रिंस चौक में हर्षोल्लास के साथ स्वागत की गई। श्रद्धालुओं ने यात्रा में शामिल लोगों का उत्साहपूर्वक स्वागत करते हुए उन्हें नगर भवन तक ले गए। इस अवसर पर संत प्रवर श्री विज्ञानदेव जी महाराज का विहंगम योगियों द्वारा जयघोष और पुष्प वर्षा के साथ अभिनंदन किया गया, और श्रद्धालुओं ने उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

संत प्रवर विज्ञानदेव जी महाराज के मार्गदर्शन में विहंगम योग की साधना और स्वर्वेद ग्रंथ के दिव्य संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य निरंतर जारी है। संत समाज का दृढ़ विश्वास है कि जब हजारों साधक एक साथ ध्यान और साधना करते हैं, तो उस सामूहिक ऊर्जा से समाज और राष्ट्र में शांति, सद्भावना और आध्यात्मिक चेतना का संचार होता है। विहंगम योग संत समाज के साधकों ने बताया कि इस संगठन की स्थापना वर्ष 1924 में सद्गुरु सदाफल देव जी महाराज द्वारा की गई थी, और तब से यह योग, सत्संग और वेदांत के प्रचार-प्रसार में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

इस महायात्रा का उद्देश्य *आत्म जागरण से राष्ट्र जागरण* का संदेश देशभर में फैलाना है। सत्संग कार्यक्रम में संत प्रवर विज्ञानदेव जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा, “भारत की भूमि केवल मिट्टी का टुकड़ा नहीं, बल्कि हमारी मातृभूमि और मां है। आत्म ज्ञान की प्राप्ति से ही समस्त दुखों से मुक्ति संभव है।” उन्होंने बताया कि यह यात्रा कश्मीर के लाल चौक से शुरू होकर चार महीनों में लगभग 40,000 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए 25 नवंबर को वाराणसी पहुंचेगी। वाराणसी के उमराहा स्थित स्वर्वेद महामंदिर में विहंगम योग संत समाज का 102वां वार्षिकोत्सव मनाया जाएगा, जहां 25,000 कुंडीय वैदिक महायज्ञ का भी आयोजन होगा।

संत प्रवर विज्ञानदेव जी महाराज की अमृतवाणी से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया। साधक और श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर उनकी रस धारा का रसपान करते रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला योग समिति के रामविलास शर्मा, कुंवर गोप, राजेश कुमार सहित खूंटी, गुमला और सिमडेगा के विहंगम योग साधकों और साध्वियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

Share via
Share via