मांडर में जनता दरबार: दिव्यांग पेंशन से जमीन के दाखिल-खारिज तक, ऑन-स्पॉट समाधान
मांडर प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में आयोजित जनता दरबार में झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान किया। दिनभर चले इस जनता दरबार में लगभग 290 आवेदनों पर कार्रवाई की गई, जो सरकार के प्रति जनता के विश्वास को दर्शाता है।
ऑन-स्पॉट निष्पादन, चेहरों पर खुशी
जनता दरबार में मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना, अबुआ आवास, दिव्यांग पेंशन और जमीन के दाखिल-खारिज जैसे मामलों पर तुरंत कार्रवाई की गई। कई आवेदनों का मौके पर ही निपटारा किया गया, जबकि कुछ पर विभागीय प्रक्रिया शुरू की गई। मांडर निवासी कलीम अंसारी की 9 वर्षीय दिव्यांग बेटी आलिया अंजुम को दिव्यांग पेंशन की स्वीकृति मिली, जिसके लिए कलीम ने मंत्री का आभार जताया। इसी तरह, रामपाल उरांव और बेलस टोप्पो के जमीन के कागजात में सुधार के लिए लंबे समय से चक्कर काटने की समस्या का समाधान हुआ। मुनी उराइन और सरिता बाड़ा की जमीन के रसीद और दाखिल-खारिज की परेशानी भी दूर की गई।
जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना प्राथमिकता: शिल्पी नेहा तिर्की
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा, “मेरे आवास पर हर दिन लोग अपनी समस्याएं लेकर आते हैं, लेकिन जनता दरबार का उद्देश्य प्रखंड कार्यालय का चक्कर काट रही जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है।” उन्होंने बताया कि मांडर विधानसभा क्षेत्र की आवश्यकताओं को पूरा करने और परेशानियों को दूर करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के लाभ के लिए गंभीरता से काम करने और आवेदकों को त्रुटिहीन जानकारी देने की सलाह दी। कुछ नीतिगत मामलों में समाधान में देरी की बात स्वीकार करते हुए उन्होंने जनता से इसे समझने की अपील की।
जनता दरबार में सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में मांडर प्रखंड के BDO सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और कांग्रेस के प्रखंड अध्यक्ष मंगा उरांव, जमील मल्लिक, सरिता तिग्गा, सेराफिना मिंज, शमीम अख्तर, तबारक खान, नसीम अंसारी, आबिद अंसारी, होसे उरांव, सुका उरांव आदि उपस्थित थे।

















